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ग्रामीण संस्कृति में आज भी जीवंत है भीमा विवाह की परंपरा, जानें इसका उद्देश्य और खास महत्व

CG Bhima Marriage: भीमा विवाह छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के ग्रामीण अंचलों में मनाया जाने वाला अनोखा पारंपरिक आयोजन है। इसे वर्षा, समृद्धि और सामूहिक आस्था से जोड़ा जाता है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ग्राम्य संस्कृति और लोकविश्वास का प्रतीक है।
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भीमा विवाह की परंपरा (Photo source- Patrika)

भीमा विवाह की परंपरा (Photo source- Patrika)

CG Bhima Marriage: भीमा विवाह एक अनोखी ग्रामीण परंपरा है, जो खासतौर पर छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ आदिवासी इलाकों में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह आयोजन गांव की सामूहिक आस्था, लोक संस्कृति और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। ग्रामीण मान्यता है कि भीमा विवाह के आयोजन से वर्षा संतुलित होती है, फसलें लहलहाती हैं और गांव में सुख-समृद्धि आती है। धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा यह पर्व सामूहिक उत्सव और लोकविश्वास की जीवंत मिसाल है।

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