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हलाल सर्टिफिकेट का सच: मांस से आगे बढ़कर शैंपू, साबुन और कपड़ों तक क्यों पहुंचा यह बिजनेस?

Halal Certification in India: कई मुस्लिम देशों में हलाल प्रोडक्ट्स ही आयात किये जाते हैं। ऐसे में भारतीय कंपनियों को मुस्लिम देशों में प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करने के लिए हलाल सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।

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Halal Certification in India

हलाल सर्टिफिकेट सिर्फ मांस तक सीमित नहीं है। (PC: Pexels)

आप जो शैम्पू इस्तेमाल करते आए हैं या जिस फेसवॉश से अभी आपने अपना मुंह धोया है या जो शर्ट आपने पहनी है, क्या वो हलाल सर्टिफाइड है। आप अगर ये सोच रहे हैं कि इन सब चीजों का हलाल से क्या लेना देना, हलाल सिर्फ मांसाहार के लिए इस्तेमाल होता है, तो आपकी ये जानकारी अधूरी है। क्योंकि हलाल सर्टिफिकेशन केवल मांस से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि आपके इर्द-गिर्द तमाम चीजें इसके दायरे में आती है। ये अपने आप में एक अलग ही 'समानांतर अर्थव्यवस्था' है। मजे की बात ये है कि देश में ये सर्टिफिकेट सरकारें नहीं देती हैं, फिर भी देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां हलाल सर्टिफिकेट लेने को मजबूर हैं, आखिर ऐसा क्यों है?

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