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Medicine costs : कानून में सस्ते इलाज का रास्ता, फिर भी महंगी दवाओं के आगे बेबस मरीज, SMA के एक इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपये

Medicine Cost: देश में सस्ते इलाज के लिए कानून बनाया गया है लेकिन इसके इस्तेमाल में सरकारें ढीलाढाला रवैया अपनाती रही हैं। नतीजा यह होता है कि महंगी गोलियां और इंजेक्शन के चलते मरीज और उसके परिजन काफी मुश्किल में पड़ जाते हैं। इस बारे में पढ़िए अभिषेक यादव की स्पेशल रिपोर्ट।
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भारत

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Swatantra Mishra

•

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अभिषेक यादव

•

Oct 05, 2026

KS Gopakumar

आम लोगों पर महंगी दवाओं का बढ़ता बोझ (Photo: Rajasthan Patrika, Designed: ChatGpt)

Medicine costs in India : देश में कैंसर, स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) और हीमोफीलिया जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे लाखों मरीज इलाज के साथ-साथ दवाओं की कीमत से भी लड़ रहे हैं। स्तन कैंसर की एक दवा का सालाना खर्च करीब 10 लाख रुपए है, तो एसएमए के एक इंजेक्शन (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) की एकमुश्त कीमत 16 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। वजह है पेटेंट, जो कंपनियों को एकाधिकार देता है और कीमत तय करने की खुली छूट भी।

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