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Gun Culture : कभी गोली-बोली से पहचान, अब बदल रहा चंबल का ‘बंदूक कल्चर’

Gun Culture : मध्य प्रदेश के भिण्ड में कभी दस्यु समस्या के चलते बंदूक सुरक्षा और रुतबे का प्रतीक मानी जाती थी, लेकिन अब समय के साथ शस्त्रों को लेकर नई पीढ़ी की सोच बदल रही है। जहां जिले में करीब 24 हजार शस्त्र लाइसेंस और 28 हजार हथियार दर्ज हैं, वहीं अब लाइसेंस हासिल करना पहले की तरह आसान नहीं है। क्यों ऐसा हुआ, इस बारे में पढ़िए अवधेश श्रीवास्तव की विशेष रिपोर्ट।
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भारत

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Swatantra Mishra

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अवधेश श्रीवास्तव

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Oct 22, 2026

Arm and Amunitions

शस्त्रों को लेकर अब लोगों की धारणाएं बदल रही हैं। (Photo: Rajasthan Patrika)

Gun Culture : चंबल के बीहड़… बंदूक की आवाज… और दबंगई की कहानियां। एक दौर में भिण्ड की पहचान इन्हीं तस्वीरों से बनती थी। यहां की बोली में भी ‘गोली और बोली’ का जिक्रआम था। घरों में बंदूक होना कई परिवारों के लिए सुरक्षा से ज्यादा सामाजिक प्रतिष्ठा का विषय हुआ करता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।

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