
बंजारे तीन पीढ़ियों से कर रहे होम डिलीवरी (Photo: Patrika)
Ground Report : शहरों में ब्लिंकिट, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां चंद मिनटों या दिनों में सामान घर तक पहुंचाने का दावा करती हैं। लेकिन राजस्थान के गांवों और दूर-दराज की ढाणियों में घर-घर जरूरत का सामान पहुंचाने की परंपरा इन आधुनिक प्लेटफॉर्म के आने से बहुत पहले से चली आ रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब सामान बैलगाड़ियों में भरकर लाया जाता था, आज मोटरसाइकिल और पिकअप पर पहुंचता है। तब गठरियों में नमक, शक्कर और मुल्तानी मिट्टी होती थी, आज काजू-बादाम, अखरोट, अंजीर और सेब हैं।
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