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दिल्ली के तुगलक रोड थाने में दर्ज हैं दो ‘गांधियों’ की हत्या के मामले, किसने लिखी थी लालटेन की रोशनी में FIR

31 अक्टूबर 1984: भारत की प्रधानमंत्री अपने आधिकारिक निवास 1 सफदरजंग रोड पर सुबह लोगों से मिल रही थीं तभी उनके दो सिख बॉडीगार्ड सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने अचानक उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
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भारत

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Shaitan Prajapat

•

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Vivek Shukla

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Oct 31, 2025

Tughlak Road police station

तुगलक रोड थाने का इतिहास (पत्रिका ग्राफिक्स)

Tughlaq Road Police Station: दिल्ली के दिल में स्थित तुगलक रोड पुलिस स्टेशन की इमारत को देखकर समझ आ जाता है कि इसने बहुत कुछ देखा होगा। यह कोई साधारण थाना नहीं है, बल्कि भारतीय इतिहास के एक महत्वपूर्ण पन्ने का जीवंत दस्तावेज है। 1941 में स्थापित यह थाना, जो संसद भवन और राष्ट्रपति भवन के निकट स्थित है, ने स्वतंत्र भारत के दो सबसे दर्दनाक क्षणों को दर्ज किया है। पहला, 30 जनवरी 1948 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या और दूसरा, 31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या। इन दोनों घटनाओं की प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) इसी थाने में दर्ज हुईं, जो आज भी इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन एफआईआरों के अलावा, यह थाना छोटी-मोटी चोरियों से लेकर राष्ट्रीय आपातकालीन घटनाओं तक की कहानियां संजोए हुए है। लेकिन दो गांधियों की हत्याओं ने इसे अमर बना दिया।

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