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Rajasthan News : पश्चिमी राजस्थान का सुगंधित थार जीरा अब विश्व पटल पर अपनी अनूठी पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से थार जीरे के लिए भौगोलिक संकेतक (जीआइ) टैग के लिए चेन्नई स्थित भारत सरकार के भौगोलिक उपदर्शन रजिस्ट्री कार्यालय में किया गया आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। यह उपलब्धि न केवल जोधपुर के किसानों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह उनके लिए नए अवसरों के द्वार भी खोलेगी। थार जीरा अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के लिए जाना जाता है। यह पश्चिमी राजस्थान की रेतीली धरती की उपज है। जीआइ टैग मिलने से इसकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलेगी, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य प्राप्त होगा। इससे न केवल स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी बल्कि थार जीरे की मांग देश-विदेश में भी बढ़ेगी।
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