
पढ़िए उदयगिरी का इतिहास (Photo: Rajasthan Patrika)
Udayagiri Caves : मेरी पहचान का सबसे चमकदार अध्याय गुप्तकाल से जुड़ा है। चौथी-पांचवीं शताब्दी के दौरान सम्राट चंद्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य के समय मेरा वैभव अपने शिखर पर पहुंचा। मेरी गुफाओं में उत्कीर्ण शिलालेख आज भी उस दौर की कहानी सुनाते हैं। इनमें चंद्रगुप्त द्वितीय के मंत्री और संधिविग्रहिक वीरसेन का उल्लेख विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इन अभिलेखों से यह प्रमाणित होता है कि मेरा संबंध गुप्तकालीन सत्ता और उसके प्रमुख व्यक्तियों से रहा था।
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