
भोपाल के 6 इंजीनियरिंग कॉलेजों में एक भी एडमिशन नहीं (AI Creative)
Agentic Engineering AI New Era: पिछले डेढ़ साल में AI की मदद से "Vibe Coding" ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया बदल दी। अब टेक इंडस्ट्री में एक नया शब्द तेजी से चर्चा में है—Agentic Engineering। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में केवल AI से कोड लिखवा लेना पर्याप्त नहीं होगा। असली जरूरत ऐसे इंजीनियरों की होगी जो AI एजेंट्स को लक्ष्य दें, उनकी निगरानी करें, टेस्ट कराएं, सुरक्षा सुनिश्चित करें और अंतिम निर्णय लें। यही बदलाव सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भूमिका को भी बदल रहा है।
Vibe Coding वह तरीका है जिसमें डेवलपर सामान्य भाषा (Natural Language) में AI को निर्देश देता है और AI कोड तैयार कर देता है। डेवलपर जरूरत के अनुसार उसमें बदलाव करता है। यह तरीका प्रोटोटाइप, MVP और छोटे प्रोजेक्ट तेजी से बनाने में उपयोगी माना जाता है।
Agentic Engineering में AI केवल कोड नहीं लिखता, बल्कि कई चरणों में काम करता है-
बड़ी कंपनियों का अनुभव है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम केवल कोड लिखना नहीं होता। डिजाइन, सुरक्षा, टीम समन्वय, टेस्टिंग और बिजनेस जरूरतों को समझना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए AI को पूरी तरह इंजीनियर का विकल्प नहीं माना जा रहा।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा सॉफ्टवेयर टेलेंट हब है। आने वाले वर्षों में केवल कोडिंग जानना ही काफी नहीं होगा। इंजीनियर्स को इन स्किल की जरूरत बढ़ेगी-
यानी कहा जा सकता है कि 'कोडर' से 'AI ऑर्केस्ट्रेटर' बनने का दौर जल्द शुरू हो सकता है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि Agentic AI गलत निर्णय, सुरक्षा खामियां, गलत कोड, निर्भरता (dependency) समस्याएं और अप्रत्याशित बदलाव भी कर सकता है। इसलिए मानव समीक्षा (Human Oversight) अनिवार्य मानी जा रही है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग खत्म हो जाएगी। दरअसल अब तक उपलब्ध शोध और उद्योग विशेषज्ञों की राय के मुताबिक AI इंजीनियरों की भूमिका बदल रहा है, उसे खत्म नहीं कर रहा। फर्क सिर्फ यही आएगा कि भविष्य में इंजीनियर का काम केवल कोड लिखना नहीं बल्कि, AI सिस्टम को नियंत्रित करना, सत्यापित करना और जिम्मेदारी लेना होगा।
2022: ChatGPT के आने से AI आधारित कोडिंग का दौर तेज हुआ।
2023: GitHub Copilot, CodeWhisperer जैसे AI Coding Tools का व्यापक उपयोग शुरू हुआ।
2024: 'Vibe Coding' शब्द लोकप्रिय हुआ, जहां डेवलपर AI से सीधे कोड लिखवाने लगे।
2025-26: AI Agents ऐसे सिस्टम बनने लगे जो प्लानिंग, कोडिंग, टेस्टिंग और डिबगिंग जैसे कई काम स्वयं करने लगे।
आने वाले कुछ वर्षों में: Agentic Engineering को बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स की नई कार्यशैली माना जा रहा है।
भारत हर साल लाखों इंजीनियर तैयार करता है। यदि कॉलेजों में AI Agent Development, AI Governance, AI Testing और System Design को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए, तो भारतीय इंजीनियर वैश्विक AI अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
कहना होगा कि AI ने कोड लिखना तो आसान बना दिया है, लेकिन भरोसेमंद सॉफ्टवेयर बनाने का काम इंजीनियरिंग का ही कमाल है। Vibe Coding ने डेवलपमेंट की गति बढ़ाई है, जबकि Agentic Engineering गुणवत्ता, जवाबदेही और विश्वसनीयता पर जोर देती है। आने वाले समय में सफल इंजीनियर वही होगा जो, AI को केवल इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि उससे सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से काम करवाना भी जानता होगा।
Updated on:
05 Aug 2026 11:21 am
Published on:
05 Aug 2026 09:20 am
