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AI का नया दौर: सिर्फ कोड लिखने वाले नहीं, ‘Agentic Engineer’ की होगी मांग? तो क्या खत्म हो जाएगी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग?

Agentic Engineering: डिजिटल दुनिया में हर मिनट, हर दिन एक नई तकनीक सामने आ रही है, इस बार चर्चा है एजेंटिंक इंजीनियर्स की और बड़ा सवाल भी तो क्या Vibe Coding और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग खत्म हो जाएगी? AI के दौर में भी अब नया युग शुरू होने वाला है, जानिए क्या है एजेंटिक इंजीनियर और क्यों वाइब कोडिंग से आगे बढ़ रही दुनिया
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भारत

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Sanjana Kumar

Aug 05, 2026

भोपाल के 6 इं​जीनियरिंग कॉलेजों में एक भी एडमिशन नहीं

भोपाल के 6 इं​जीनियरिंग कॉलेजों में एक भी एडमिशन नहीं (AI Creative)

Agentic Engineering AI New Era: पिछले डेढ़ साल में AI की मदद से "Vibe Coding" ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया बदल दी। अब टेक इंडस्ट्री में एक नया शब्द तेजी से चर्चा में है—Agentic Engineering। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में केवल AI से कोड लिखवा लेना पर्याप्त नहीं होगा। असली जरूरत ऐसे इंजीनियरों की होगी जो AI एजेंट्स को लक्ष्य दें, उनकी निगरानी करें, टेस्ट कराएं, सुरक्षा सुनिश्चित करें और अंतिम निर्णय लें। यही बदलाव सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भूमिका को भी बदल रहा है।

क्या है Vibe Coding?

Vibe Coding वह तरीका है जिसमें डेवलपर सामान्य भाषा (Natural Language) में AI को निर्देश देता है और AI कोड तैयार कर देता है। डेवलपर जरूरत के अनुसार उसमें बदलाव करता है। यह तरीका प्रोटोटाइप, MVP और छोटे प्रोजेक्ट तेजी से बनाने में उपयोगी माना जाता है।

फिर क्या है Agentic Engineering?

Agentic Engineering में AI केवल कोड नहीं लिखता, बल्कि कई चरणों में काम करता है-

  • वह आवश्यकता समझता है
  • एक कार्य की योजना बनाता है
  • कोड लिखता है
  • टेस्ट चलाता है
  • गलतियां सुधारता है
  • रिपोर्ट तैयार करता हैलेकिन अंतिम जिम्मेदारी और निर्णय अब भी किसी इंजीनियर के पास ही रहता है।

क्यों बदल रही है सोच?

बड़ी कंपनियों का अनुभव है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर का काम केवल कोड लिखना नहीं होता। डिजाइन, सुरक्षा, टीम समन्वय, टेस्टिंग और बिजनेस जरूरतों को समझना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए AI को पूरी तरह इंजीनियर का विकल्प नहीं माना जा रहा।

भारत के लिए इसका क्या मतलब?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा सॉफ्टवेयर टेलेंट हब है। आने वाले वर्षों में केवल कोडिंग जानना ही काफी नहीं होगा। इंजीनियर्स को इन स्किल की जरूरत बढ़ेगी-

  • AI एजेंट्स का प्रबंधन
  • सिस्टम डिजाइन
  • साइबर सुरक्षा
  • टेस्ट ऑटोमेशन
  • AI आउटपुट का सत्यापन
  • बिजनेस समस्या का विश्लेषण

यानी कहा जा सकता है कि 'कोडर' से 'AI ऑर्केस्ट्रेटर' बनने का दौर जल्द शुरू हो सकता है।

चुनौतियां भी कम नहीं

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि Agentic AI गलत निर्णय, सुरक्षा खामियां, गलत कोड, निर्भरता (dependency) समस्याएं और अप्रत्याशित बदलाव भी कर सकता है। इसलिए मानव समीक्षा (Human Oversight) अनिवार्य मानी जा रही है।

क्या खत्म हो जाएगी Software Engineering?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग खत्म हो जाएगी। दरअसल अब तक उपलब्ध शोध और उद्योग विशेषज्ञों की राय के मुताबिक AI इंजीनियरों की भूमिका बदल रहा है, उसे खत्म नहीं कर रहा। फर्क सिर्फ यही आएगा कि भविष्य में इंजीनियर का काम केवल कोड लिखना नहीं बल्कि, AI सिस्टम को नियंत्रित करना, सत्यापित करना और जिम्मेदारी लेना होगा।

5 नए स्किल्स जो 2030 तक सबसे ज्यादा डिमांड में रहने की उम्मीद

  • एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन
  • सिस्टम (AI Agent Orchestration)
  • सिस्टम आर्किटेक्चर (System Architecture)
  • प्रॉम्प्ट + स्पेसिफिकेशन डिजाइन (Prompt + Specification Design)
  • एआई वैरिफिकेशन एंड टेस्टिंग (AI Verification & Testing)
  • सिक्योरिटी एंड गवर्नेंस (Security & Governance)

Agentic Engineering की टाइमलाइन

2022: ChatGPT के आने से AI आधारित कोडिंग का दौर तेज हुआ।

2023: GitHub Copilot, CodeWhisperer जैसे AI Coding Tools का व्यापक उपयोग शुरू हुआ।

2024: 'Vibe Coding' शब्द लोकप्रिय हुआ, जहां डेवलपर AI से सीधे कोड लिखवाने लगे।

2025-26: AI Agents ऐसे सिस्टम बनने लगे जो प्लानिंग, कोडिंग, टेस्टिंग और डिबगिंग जैसे कई काम स्वयं करने लगे।

आने वाले कुछ वर्षों में: Agentic Engineering को बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स की नई कार्यशैली माना जा रहा है।

किन कंपनियों ने AI Agents पर दांव लगाया?

  • ओपन एआई(OpenAI) - कोडेक्स (Codex) और AI एजेंट्स
  • माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) - गिटहब कोपिलॉट, कोपिलॉट (GitHub Copilot, Copilot Agents)
  • गूगल (Google) - जेमिनी कोड असिस्टेंट (Gemini Code Assist)
  • एंथ्रोपिक (Anthropic) - क्लाउड कोड (Claude Code)Amazon – CodeWhisperer (Amazon Q Developer)

भविष्य के 7 नए जॉब रोल

  • एआई एजेंट इंजीनियर (AI Agent Engineer)
  • एआई वर्कफ्लो आर्किटेक्ट (AI Workflow Architect)
  • एआई सिस्टम सुपरवाइजर (AI Systems Supervisor)
  • एआई सेफ्टी इंजीनियर (AI Safety Engineer)
  • एआई इवेल्यूशन इंजीनियर (AI Evaluation Engineer)
  • प्रॉम्प्ट एंड कंटेक्स्ट इंजीनियर (Prompt & Context Engineer)
  • ह्यूमन- एआई कॉलब्रेशन मैनेजर (Human-AI Collaboration Manager)

AI क्या नहीं कर सकता?

  • ग्राहक की वास्तविक जरूरत समझना
  • बिजनेस रणनीति बनाना
  • कानूनी और नैतिक निर्णय लेना
  • सुरक्षा जोखिम की अंतिम जिम्मेदारी लेना
  • टीम नेतृत्व और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
  • यही कारण है कि विशेषज्ञ मानते हैं कि AI इंजीनियर की भूमिका बदलेगा, पूरी तरह खत्म नहीं करेगा।

भारत के लिए सबसे बड़ा अवसर

भारत हर साल लाखों इंजीनियर तैयार करता है। यदि कॉलेजों में AI Agent Development, AI Governance, AI Testing और System Design को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए, तो भारतीय इंजीनियर वैश्विक AI अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

यह रोचक तथ्य आपके लिए जानना जरूरी

  • GitHub की कई रिपोर्टों में डेवलपर्स ने बताया है कि AI Coding Assistant से उनकी उत्पादकता बढ़ी, लेकिन अंतिम समीक्षा अब भी इंसान ही करता है।
  • AI जितना शक्तिशाली होगा, उसकी Verification और Human Oversight की आवश्यकता भी उतनी ही बढ़ेगी।
  • भविष्य में इंटरव्यू में केवल Coding Test नहीं, बल्कि AI Agent को सही निर्देश देने (Prompting), समीक्षा करने और Debugging की क्षमता भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

कहना होगा कि AI ने कोड लिखना तो आसान बना दिया है, लेकिन भरोसेमंद सॉफ्टवेयर बनाने का काम इंजीनियरिंग का ही कमाल है। Vibe Coding ने डेवलपमेंट की गति बढ़ाई है, जबकि Agentic Engineering गुणवत्ता, जवाबदेही और विश्वसनीयता पर जोर देती है। आने वाले समय में सफल इंजीनियर वही होगा जो, AI को केवल इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि उससे सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से काम करवाना भी जानता होगा।