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AI के दौर में करियर के लिए सबसे कीमती साबित हो सकती हैं ये Skills, खुद को ऐसे करें तैयार

AI के दौर में सिर्फ टेक्निकल नॉलेज ही नहीं, बल्कि क्रिएटिविटी, क्रिटिकल थिंकिंग और सही निर्णय लेने की क्षमता भी करियर की सबसे बड़ी ताकत बन रही है। जानिए भविष्य की 6 जरूरी स्किल्स और खुद को AI युग के लिए कैसे तैयार करें।
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भारत

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Ravi Gupta

Aug 03, 2026

AI vs human

प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT

आज की दुनिया में जब AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तेजी से हमारी पढ़ाई, काम और रचनात्मकता को बदल रहा है, तो यह समझना ज़रूरी है कि हम कैसे इन दोनों - AI और मानव रचनात्मकता को मिलाकर भविष्य की क्षमताएँ विकसित कर सकते हैं। यह लेख आपको बताएगा कि यह संगम क्यों महत्वपूर्ण है, कैसे कार्य करता है, और आप इसमें स्वयं को कैसे तैयार कर सकते हैं।

AI और रचनात्मकता का मिलन क्यों ज़रूरी है

AI अब केवल डेटा या गणित तक सीमित नहीं है। यह लेखन, कला, संगीत और डिज़ाइन जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में भी अपनी जगह बना रहा है। UNESCO की रिपोर्ट बताती है कि पारंपरिक कला और तकनीकी ज्ञान का मेल जिसे ‘हाइब्रिड स्किल्स’ कहा जाता है, रचनात्मक पेशों में नई संभावनाएँ खोलता है।

यह तकनीकी समझ और कलात्मक दृष्टि को एक साथ जोड़ता है, जिससे कलाकार और रचनात्मक पेशेवर दोनों ही नए, प्रभावशाली कार्य कर सकते हैं।

AI के साथ रचनात्मकता का सही संतुलन

AI रचनात्मकता को बढ़ा सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से मानव रचनात्मकता की जगह नहीं ले सकता। University of South Australia के प्रोफेसर डेविड क्रॉप्ले ने एक अध्ययन में पाया कि AI की रचनात्मक क्षमता मानव के पेशेवर स्तर तक नहीं पहुँच सकती; यह केवल प्रारंभिक या मध्यवर्ती स्तर तक सीमित रहती है।

इसी तरह, क्रिएटिव एजेंसी Mynt के ओली पैटरसन कहते हैं कि AI हमें तेजी से काम करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह तय नहीं कर सकता कि कार्य किस दिशा में जाना चाहिए। इसलिए, हमारी पसंद, स्वाद और रणनीतिक सोच - ये सभी और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

भारत में AI और फ्यूचर स्किल्स की स्थिति

NIIT की रिपोर्ट (मार्च 2026) बताती है कि भारत में AI, साइबर सुरक्षा, डिजिटल और डेटा स्किल्स अब सबसे ज़रूरी भविष्य की क्षमताएँ बन चुकी हैं। यह सर्वेक्षण 3,500 लोगों (छात्रों, पेशेवरों, रिक्रूटर्स और शिक्षाविदों) के बीच किया गया था।

ETEducation के सर्वेक्षण (जून 2026) में 300 से अधिक शिक्षा नेताओं ने कहा कि AI सीखने का सबसे महत्वपूर्ण रुझान है (71.5%), और 59% ने शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल को प्राथमिकता दी।

EY-Parthenon और FICCI की रिपोर्ट (अक्टूबर 2025) बताती है कि 56% से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) ने AI नीतियाँ लागू कर ली हैं, और 60% संस्थान छात्रों को AI टूल्स—जेनरेटिव AI सहित—का उपयोग करने की अनुमति देते हैं।

भारत की AI तैयारियों की वैश्विक स्थिति

QS World Future Skills Index 2027 के अनुसार, भारत AI-इकोनॉमी तैयारियों में 13वें स्थान पर है—दक्षिण एशिया में सबसे आगे—लेकिन रिपोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि विश्वविद्यालयों द्वारा तैयार किए जा रहे कौशल अभी बाज़ार की मांग से पीछे हैं।

AI और रचनात्मकता में खुद को कैसे तैयार करें

यहाँ कुछ व्यावहारिक सुझाव दिए जा रहे हैं, जो आपको इस नए युग में आगे बढ़ने में मदद करेंगे:

  1. AI टूल्स को समझें, लेकिन उन पर पूरी तरह निर्भर न रहेंAI टूल्स जैसे जनरेटिव मॉडल, सुझाव प्रणाली आदि का उपयोग करें, लेकिन उनकी सीमाओं को समझें—वे गलतियाँ कर सकते हैं और हमेशा भरोसेमंद नहीं होते। McKinsey की रिपोर्ट बताती है कि AI का उपयोग बढ़ने के बावजूद, मानव निर्णय, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता की मांग बढ़ रही है।
  2. रचनात्मक सोच और समस्या-निर्धारण पर काम करेंAI सवालों के जवाब दे सकता है, लेकिन यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा सवाल सबसे ज़रूरी है। इसलिए यह जानना कि क्या पूछना है, क्यों पूछना है और सफलता का मापदंड क्या है—ये क्षमताएँ बहुत महत्वपूर्ण हैं।
  3. नैतिकता और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देंAI के साथ काम करते समय नैतिक चिंताएँ जैसे पक्षपात, गोपनीयता और जवाबदेही महत्वपूर्ण हो गई हैं। PwC और अन्य रिपोर्टों में यह स्पष्ट है कि नैतिक निर्णय और AI गवर्नेंस स्किल्स की मांग बढ़ रही है।
  4. सीखते रहें और अनुकूल बनेंAI लगातार बदल रहा है। इसलिए जो लोग नए टूल्स सीखने और बदलते माहौल में स्वयं को ढालने में सक्षम हैं, वे सबसे आगे रहेंगे।
  5. विषय विशेषज्ञता बनाए रखेंAI विशेषज्ञता को बढ़ा सकता है, लेकिन गहरी विषय-विशेषज्ञता ही उसे सही दिशा में उपयोग करने में मदद करती है—चाहे वह चिकित्सा हो, कानून हो या पत्रकारिता।
  6. AI को रचनात्मक सहयोगी बनाएंAI को रचनात्मक साथी की तरह इस्तेमाल करें—न कि प्रतिस्पर्धी के रूप में। यह आपको नए विचारों की ओर ले जा सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय और दिशा आपकी ही होगी।

AI और रचनात्मकता का संगम हमें एक ऐसा भविष्य दिखाता है जहाँ तकनीकी क्षमता और मानवीय कल्पना साथ-साथ चलती हैं। AI हमें तेजी से काम करने में मदद करता है, लेकिन यह हमारी सोच, स्वाद और निर्णय की जगह नहीं ले सकता। इसलिए, AI को समझना, उसका जिम्मेदार उपयोग करना, और अपनी रचनात्मकता को निखारना - ये तीनों मिलकर भविष्य की क्षमताओं की नींव हैं।

इस राह पर आगे बढ़ने के लिए, आप AI टूल्स सीखें, रचनात्मक सोच को बढ़ावा दें, और हमेशा नैतिकता और मानवता को प्राथमिकता दें।