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कैंसर से बचाव का नया फॉर्मूला सिर्फ खाना नहीं, आपकी पूरी दिनचर्या तय करती है कितना खतरा?

Cancer preventive lifestyle: 2026 की नई वैश्विक रिसर्च ने कैंसर की रोकथाम को लेकर तस्वीर और साफ कर दी है। तंबाकू और शराब से दूरी के साथ शरीर का वजन, रोजाना की एक्टिविटीज, खान-पान और कुछ संक्रमण भी कैंसर के जोखिम को प्रभावित करते हैं।
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भारत

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Sanjana Kumar

Aug 20, 2026

Cancer Prevention Lifestyle

Cancer Prevention Lifestyle: कैंसर से बचने का नया फॉर्मूला, आज ही बदलें लाइफस्टाइल (AI Creative)

Cancer preventive lifestyle: कैंसर को अक्सर ऐसी बीमारी माना जाता है, जो अचानक किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती है। लेकिन 2026 में सामने आए वैश्विक विश्लेषण ने इस धारणा को काफी हद तक बदल दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर शोध एजेंसी आईएआरसी के अनुसार दुनिया में कैंसर के हर 10 मामलों में करीब 4 मामलों को रोका जा सकता है।

इसके पीछे तंबाकू, शराब, अधिक वजन, शारीरिक निष्क्रियता, वायु प्रदूषण, पराबैंगनी विकिरण और कुछ कैंसरकारक संक्रमण जैसे कारण शामिल हैं। यानी कैंसर से बचाव की कहानी केवल यह नहीं है कि प्लेट में क्या है। असली कहानी यह है कि हम पूरे दिन कैसे जीते हैं।

दिनभर बैठे रहना भी बन सकता है जोखिम

काम के दौरान लंबे समय तक कुर्सी पर बैठना, घर लौटकर मोबाइल चलाना और फिर टीवी के सामने बैठ जाना आज की आम दिनचर्या है। लेकिन शरीर को लगातार निष्क्रिय रखना स्वस्थ जीवनशैली के खिलाफ जाता है।

विश्व कैंसर अनुसंधान कोष के मुताबिक शारीरिक गतिविधि से आंत के कुछ कैंसर, स्तन कैंसर और गर्भाशय की अंदरूनी परत के कैंसर का जोखिम कम होने के मजबूत प्रमाण हैं। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैरना, घर के काम करना और बागवानी जैसी गतिविधियां भी शारीरिक गतिविधि में शामिल हैं। इसलिए कैंसर से बचाव के लिए जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति जिम जाए। चलती-फिरती दिनचर्या बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

पेट की चर्बी को सिर्फ सुंदरता का मामला न समझें

अधिक वजन और मोटापा केवल मधुमेह या हृदय रोग का जोखिम नहीं बढ़ाते। विश्व कैंसर अनुसंधान कोष के अनुसार अधिक वजन या मोटापा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा है। इनमें आंत, रजोनिवृत्ति के बाद का स्तन कैंसर, यकृत, गुर्दा, अग्न्याशय और गर्भाशय का कैंसर शामिल हैं।

शरीर में अतिरिक्त वसा सूजन और कुछ हार्मोनल बदलावों को प्रभावित कर सकती है, जिससे कैंसर के विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि अधिक वजन वाले व्यक्ति को निश्चित रूप से कैंसर होगा। लेकिन स्वस्थ वजन बनाए रखना जोखिम घटाने की महत्वपूर्ण रणनीति है।

प्लेट में रंग जितने ज्यादा, उतना बेहतर संकेत

कैंसर से बचाव के लिए किसी एक सुपरफूड की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों की सलाह पूरे खान-पान के पैटर्न पर जोर देती है। साबुत अनाज, सब्जियां, फल और दालों जैसे खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना और अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन, मीठे पेय तथा प्रसंस्कृत मांस को सीमित करना बेहतर विकल्प माना जाता है।

यानी रोज की थाली में विविधता बढ़ाना किसी महंगे सप्लीमेंट से ज्यादा उपयोगी रणनीति हो सकती है। खास बात यह है कि कैंसर से बचाव के लिए विटामिन या सप्लीमेंट अपने मन से लेने की सलाह नहीं दी जाती।

शराब को लेकर पुरानी धारणा बदल रही है

शराब को लेकर भी शोध का संदेश स्पष्ट है। विश्व कैंसर अनुसंधान कोष के मुताबिक शराब का सेवन कई कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है और कैंसर की रोकथाम के लिहाज से शराब न पीना सबसे बेहतर विकल्प है।

शराब से मुंह, गले, भोजन नली, स्तन, यकृत और आंत के कैंसर का जोखिम बढ़ने के मजबूत प्रमाण हैं। शराब शरीर में ऐसे रसायन बना सकती है जो डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं। यही कारण है कि इसे केवल ज्यादा पीने की समस्या मानना सही नहीं है।

सबसे बड़ा सबक क्या? कैंसर से बचाव एक आदत नहीं, पूरी जीवनशैली है

2026 की IARC रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण सबक यही है कि कैंसर की रोकथाम किसी एक चीज से नहीं होगी। तंबाकू से दूरी, शराब से बचाव, स्वस्थ वजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, बेहतर खान-पान, संक्रमण से बचाव और धूप से सुरक्षा, इन सभी का संयुक्त असर महत्वपूर्ण है।

और यह सिर्फ कैंसर होने से पहले की कहानी नहीं है। मई 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि कैंसर का निदान होने के बाद भी स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े व्यवहार बेहतर दीर्घकालिक परिणामों से जुड़े थे।

इसीलिए कैंसर से बचाव का सबसे व्यावहारिक फॉर्मूला किसी बोतल, गोली या महंगे आहार में नहीं छिपा है। रोज थोड़ा ज्यादा चलना, शरीर का वजन नियंत्रित रखना, थाली को बेहतर बनाना, तंबाकू से दूर रहना और शराब से बचना, यही वे छोटे फैसले हैं जो लंबे समय में बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं। तो क्या आप तैयार हैं अपनी लाइफस्टाइल बदलने के लिए? कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं।