
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज में इजाफा करने का ऐलान किया है। इंडिगो ने ऐलान किया है कि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण वह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ा रही है।
यह बढ़ोतरी मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 की आधी रात 12:01 बजे से नई बुकिंग्स पर लागू होगी। इससे हवाई यात्रियों के लिए टिकटों की कुल कीमत में इजाफा होना तय है। एयरलाइन के आधिकारिक बयान के अनुसार, ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। हालिया महीने-दर-महीने बढ़ोतरी 14 प्रतिशत से अधिक रही है, जिससे एटीएफ की लागत पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तरों पर पहुंच गई है।
इंडिगो ने कहा- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) एयरलाइन की ऑपरेटिंग लागत का एक बड़ा हिस्सा होता है। इसलिए इस बढ़ोतरी का असर एयरलाइंस की लागत संरचना और नेटवर्क इकोनॉमिक्स पर पड़ने की उम्मीद है, जिसमें इंडिगो भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स और तेल कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से घरेलू एटीएफ की कीमत में करीब 16 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
यह कीमत लगभग 121 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 137 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई है, जो करीब 13.2 प्रतिशत की वृद्धि है। यह तीसरी लगातार मासिक बढ़ोतरी है। इससे पहले अगस्त में 5 रुपये और सितंबर में 6.28 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी थी।
एटीएफ आमतौर पर किसी एयरलाइन की कुल परिचालन लागत का 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। इसलिए इसका सीधा असर किराए पर पड़ता है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनावों के कारण बढ़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान संबंधित तनावों समेत मध्य पूर्व की स्थिति ने पिछले कुछ महीनों में तेल कीमतों को प्रभावित किया है, जिससे जेट फ्यूल महंगा हुआ है।
इंडिगो ने स्पष्ट किया कि बढ़ती ईंधन लागत की पूरी भरपाई के लिए और ज्यादा बढ़ोतरी की जरूरत थी, लेकिन यात्रियों पर असर कम रखने के लिए कंपनी ने संतुलित और अपेक्षाकृत मामूली बदलाव किया है।
ये चार्ज टिकट की बेस कीमत के अलावा लगते हैं और नई बुकिंग्स पर लागू होंगे। नए चार्ज से पुरानी बुकिंग्स प्रभावित नहीं होंगी। इंडिगो घरेलू हवाई यातायात का करीब दो-तिहाई हिस्सा नियंत्रित करती है। ऐसे में इस बढ़ोतरी का असर बड़े पैमाने पर यात्रियों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और पर्यटन सीजन के दौरान मांग ज्यादा रहने से टिकट कीमतें और बढ़ सकती हैं।
अन्य एयरलाइंस भी एटीएफ महंगाई के कारण इसी तरह के कदम उठा सकती हैं। इंडिगो एयरलाइन ने यात्रियों से माफी मांगी है। इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि यह कदम अस्थिर वैश्विक ईंधन कीमतों का मुकाबला करने के लिए जरूरी था। कंपनी ने पहले भी इस साल मार्च-अप्रैल में फ्यूल चार्ज में बदलाव किए थे।
अब यह इस साल की तीसरी प्रमुख बढ़ोतरी मानी जा रही है।यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि जल्दी बुकिंग करें और विभिन्न विकल्पों की तुलना करें। हवाई सफर की लागत बढ़ने से मध्यम वर्ग और बजट यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्राएं खासकर यूरोप रूट पर काफी महंगी हो जाएंगी।
सरकार और तेल कंपनियों के पास एटीएफ कीमतों को नियंत्रित करने के विकल्प सीमित हैं क्योंकि ये वैश्विक बाजार से जुड़ी होती हैं। इंडिगो जैसी कंपनियां लागत प्रबंधन के लिए फ्यूल हेजिंग जैसे उपायों पर भी विचार कर रही हैं, लेकिन फिलहाल यात्रियों को नई वास्तविकता के साथ तालमेल बिठाना होगा। यह बढ़ोतरी न सिर्फ किराए को प्रभावित करेगी, बल्कि समग्र विमानन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी असर डालेगी।
Updated on:
05 Oct 2026 06:09 pm
Published on:
05 Oct 2026 06:09 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
