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अमेरिका-ईरान संघर्ष सात महीने से ज्यादा खिंचा, ट्रंप बोले- भारी नुकसान उठाएगा ईरान, पर सीधी बातचीत को भी तैयार

US Iran conflict: कतर ने कहा, क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने के लिए दोहा के जरिए बातचीत जारी है। ट्रंप ने ईरान को भारी नुकसान की चेतावनी दी, पर सीधी बातचीत को भी तैयार।
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Qatar foreign ministry

अमेरिका-ईरान संघर्ष जल्द खत्म कराने के लिए कतर कर रहा मध्यस्थता,Photo Source@IANS

Qatar Mediation: कतर ने क्षेत्रीय संघर्ष में शामिल पक्षों के बीच दोहा और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के माध्यम से बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान जारी रखने की बात कही है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के विदेश मंत्रालय में मीडिया और संचार विभाग के निदेशक इब्राहिम बिन सुल्तान अल-हाशमी ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि दोहा चल रही राजनयिक बातचीत का विवरण तो नहीं बता सकता, लेकिन उसने पुष्टि की कि बातचीत जारी है।

संघर्ष तुरंत खत्म करने की पूरी कोशिश जरूरी

अल-हाशमी ने कहा, इस संघर्ष का दायरा और पूरी दुनिया को इसकी जो भारी कीमत चुकानी पड़ रही है, उसे देखते हुए यह जरूरी है कि हम बातचीत की मेज पर किसी समाधान के जरिए इसे तुरंत खत्म करने की पूरी कोशिश करें। उन्होंने कहा कि बातचीत में विभिन्न पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखा गया है, हालांकि उन्होंने इसका विवरण नहीं दिया।
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष सात महीने से अधिक समय से खिंच रहा है और इसमें कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा है।

ट्रंप की चेतावनी, साथ में बातचीत की पेशकश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान उन धमकियों के पीछे हुआ जिनके कारण वाशिंगटन को ब्रिटेन से सैन्य संपत्ति हटानी पड़ी, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह तेहरान के साथ सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं।

मरीन वन के बाहर पत्रकारों के सवाल

मरीन वन में सवार होकर रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कई बार ईरान का जिक्र किया। उन्होंने अमेरिकी बॉम्बर्स की आवाजाही, मध्य पूर्व में तनाव, ऊर्जा आपूर्ति और फ्लाईदुबई से जुड़े हमले के बारे में सवालों के जवाब दिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी खास खतरे के कारण अमेरिका ने ब्रिटेन से बॉम्बर्स को वापस बुलाया, तो ट्रंप ने पुष्टि की कि धमकियां मिली थीं। ट्रंप ने कहा, हां, मुझे लगता है कि हम ऐसा कह सकते हैं। मेरा मतलब है, वे गलती से वहां से नहीं उड़े थे। उन्होंने आगे कहा, नहीं, लेकिन कुछ धमकियां थीं और दुश्मन को उकसाने के बजाय, हम दुश्मन को पकड़ेंगे और हराएंगे। लेकिन हम उन्हें वहां क्यों छोड़ें? इसलिए, हमने उन्हें थोड़ा इधर-उधर किया, बहुत दूर नहीं।