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हॉल में 22 मिनट बाद फिल्म चलाने पर PVR पर ₹75000 का जुर्माना, उपभोक्ता आयोग के फैसले से जानिए सिनेमा दर्शकों के अधिकार

हैदराबाद के एक सिनेमा हॉल में फिल्म देरी से शुरू करना PVR सिनेमाज को महंगा पड़ गया। फिल्म को देरी से चलाने पर उपभोक्ता आयोग ने PVR सिनेमाज पर बड़ा जुर्माना लगाया है।
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भारत

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Vinay Shakya

•

Oct 06, 2026

consumer commission fines PVR Cinema

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

टिकट पर लिखा शो टाइम दर्शक के लिए मायने रखता है। सिनेमा की टिकट पर लिखा समय विज्ञापनों की लंबी कतार के लिए नहीं है। ऐसा मानते हुए हैदराबाद के जिला उपभोक्ता आयोग-द्वितीय ने PVR सिनेमाज और PVR आईनॉक्स लिमिटेड पर कुल ₹75,000 का जुर्माना लगाया है। आयोग ने फिल्म को देरी से शुरू करने की घटना को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना है।

क्या है पूरा मामला?

अधिवक्ता चंदा अथीश कुमार ने 20 जून 2025 को फिल्म 'कुबेरा' के 2 टिकट खरीदे। फिल्म का शो रात 10:35 बजे शुरू होना था। शिकायत के मुताबिक, वे 10:30 बजे अपनी सीट पर पहुंच गए, लेकिन विज्ञापन और ट्रेलर चलते रहे। इसके बाद फिल्म 10:52 बजे शुरू हुई। शिकायतकर्ता का कहना था कि इससे उनका रात का कार्यक्रम बिगड़ा और वे करीब 3 बजे घर पहुंचे, जबकि उनकी योजना लगभग 2 बजे घर पहुंचने की थी।

शिकायत पर आयोग का फैसला

उपभोक्ता आयोग में अध्यक्ष वक्कंटी नरसिंह राव और सदस्य सुमा वाला शामिल थे। सियासत की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने ₹25,000 शिकायतकर्ता को देने को कहा है। इसमें ₹20,000 मुआवजा और ₹5,000 मुकदमा खर्च शामिल हैं। बाकी ₹50,000 दंडात्मक हर्जाने के रूप में जिला उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा होंगे। आयोग ने कंपनी को यह प्रथा बंद करने का भी निर्देश दिया है।

PVR ने क्या कहा?

पीवीआर की दलील थी कि फिल्म से पहले दिखाई गई सामग्री में साक्षरता, कृषि, महिला कल्याण और स्वच्छता जैसे विषय थे और यह जनहित का हिस्सा है। इस पर आयोग ने कहा कि सिनेमा हॉल, बैठे हुए दर्शकों से अतिरिक्त व्यावसायिक लाभ नहीं कमा सकते। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आयोग ने यह भी नोट किया कि पीवीआर ने देरी के तथ्यों को गंभीरता से चुनौती नहीं दी।

क्या है मंत्रालय की गाइडलाइन?

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के 30 नवंबर 2023 के कार्यालय ज्ञापन के तहत सरकारी जन-जागरूकता (PSA) फिल्मों की अवधि 2 मिनट तक सीमित है। इन्हें फिल्म शुरू होने से पहले के 10 मिनट और इंटरवल के अंतिम पांच मिनट में दिखाया जा सकता है। मंत्रालय ने 5 अगस्त 2026 के ज्ञापन में स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार की PSA फिल्में अलग-अलग 2-2 मिनट की हो सकती हैं। पीवीआर इसी नियम को तोड़ने का दोषी पाया गया।

पहले भी आ चुका है ऐसा मामला

फरवरी 2025 में बेंगलुरु के जिला उपभोक्ता आयोग ने 'सैम बहादुर' के 4:05 बजे के शो में फिल्म 4:30 बजे शुरू होने पर PVR INOX पर कुल ₹1.28 लाख की देनदारी तय की थी। इसमें ₹20,000 मुआवजा, ₹8,000 मुकदमा खर्च और ₹1 लाख दंडात्मक हर्जाना था। आयोग ने टिकट पर फिल्म का असली शुरुआती समय लिखने का भी निर्देश दिया था। तब पीवीआर आईनॉक्स ने कहा था कि वह आदेश को चुनौती देगा।

सिनेमा हॉल में आपके अधिकार

समय का सम्मान: दर्शक टिकट पर लिखे समय पर फिल्म शुरू होने की अपेक्षा कर सकते हैं। अत्यधिक व्यावसायिक विज्ञापन से देरी होने पर वे उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर सकते हैं।

मुफ्त पेयजल: सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2023 के फैसले में कहा कि थिएटर, बाहर का खाना रोक सकते हैं, लेकिन स्वच्छ पेयजल मुफ्त उपलब्ध कराना होगा।

शिशु का भोजन: शिशुओं के लिए दूध या बेबी फूड ले जाने की छूट है।

MRP का नियम: बोतलबंद सामान पर छपी अधिकतम कीमत से ज्यादा वसूली गलत है। मद्रास हाईकोर्ट और राष्ट्रीय आयोग के मामलों में इसी आधार पर कार्रवाई हुई है।

नियमों के उल्लंघन की शिकायत कैसे करें?

सिनेमा हॉल में नियमों का उल्लंघन होने पर पहले प्रबंधन को लिखित शिकायत दें। फिर राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 या जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत करें। सबूत के लिए टिकट, बुकिंग का समय और संभव हो तो विज्ञापनों की रिकॉर्डिंग रखें। बेंगलुरु आयोग ने ऐसी रिकॉर्डिंग को पायरेसी का उल्लंघन नहीं माना था।