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क्या फ्रक्टोज बढ़ा सकता है कैंसर फैलने का खतरा? नई स्टडी ने चौंकाया, लेकिन घबराने से पहले जानिए पूरी सच्चाई

Fructose Cancer Study: टाइटल पढ़कर कहीं आप भी तो नहीं सोच रहे अब चीनी खाना बिल्कुल बंद कर देंगे... यदि हां तो ऐसा करने से पहले जरूर पढ़ें क्या कहती है रिसर्च और क्या है इस शोध की सच्चाई
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भारत

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Sanjana Kumar

Aug 07, 2026

Fructose Cancer Study

Fructose Cancer Study: नई रिसर्च ने चौंकाया, लेकिन वैज्ञानिकों ने चेताया भी स्टडी कैंसर की जटिल कार्यप्रणाली को समझने के लिए महत्वपूर्ण कदम, डाइट तभी बदलें जब डॉक्टर कहें। (AI Creative)

Fructose Cancer Study: फलों, शहद और कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में पाया जाने वाला फ्रक्टोज (Fructose) लंबे समय से सिर्फ शुगर के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन अब अमेरिका के द विस्टर इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च ने इसे लेकर एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है। नेचर एजिंग जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, कीमोथेरेपी के बाद बची कुछ ओवेरियन कैंसर कोशिकाएं (Ovarian Cancer Cells) फ्रक्टोज का इस्तेमाल एक तरह के 'रासायनिक संदेश' (Chemical Signal) के रूप में कर सकती हैं, इससे आसपास की दूसरी कैंसर कोशिकाओं के फैलने (Metastasis) की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि फल खाना कैंसर फैलाता है। यही सबसे बड़ा भ्रम है, जिससे बचना जरूरी है।

आखिर शोध में मिला क्या?

शोधकर्ताओं ने पाया कि जब ओवेरियन कैंसर का इलाज कीमोथेरेपी से किया जाता है तो, कुछ कैंसर कोशिकाएं नष्ट होने से बच जाती हैं। इन्हें ट्रीटमेंट सर्वाइविंग सेल्स कहा जाता है। स्टडी के मुताबिक ये बची हुई कोशिकाएं आसपास मौजूद कैंसर कोशिकाओं से संवाद करने के लिए कई तरह के रासायनिक संकेत छोड़ती हैं। इनमें फ्रक्टोज भी शामिल पाया गया।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यही संकेत दूसरी कैंसर कोशिकाओं को ज्यादा आक्रामक बना सकते हैं और उनके शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने की संभावना बढ़ा सकता है।

क्या इसका मतलब चीनी खाना बंद कर दें?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नहीं, इसका ऐसा मतलब बिल्कुल नहीं है कि चीनी बिल्कुल छोड़ दें। दरअसल उनका कहना है कि यह रिसर्च लैब आधारित कैंसर कोशिकाओं पर की गई है। इसमें यह नहीं कहा गया कि सामान्य व्यक्ति द्वारा फल या सीमित मात्रा में फ्रक्टोज खाने से कैंसर हो जाएगा या कैंसर तेजी से फैलने लगेगा। यानी माना जा सकता है कि यह अध्ययन कैंसर कोशिकाओं की जैविक प्रक्रिया (Cancer Biology) को समझने के लिए है न कि लोगों को फल छोड़ने की सलाह देने के लिए।

जानिए आखिर क्या है फ्रक्टोज़?

  • फ्रक्टोज एक प्राकृतिक शुगर है जो, कई खाद्य पदार्थों में मौजूद होती है। इसके प्रमुख स्रोत हैं…
  • फल
  • शहद
  • कुछ सब्जियां
  • पैकेज्ड जूस
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स
  • हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप वाले प्रोसेस्ड फूड

वैज्ञानिक मानते हैं कि फलों से मिलने वाला फ्रक्टोज और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में मिलाया गया फ्रक्टोज एक जैसे नहीं माने जाते, क्योंकि फलों में फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं।

फिर यह शोध क्यों महत्वपूर्ण?

अब तक वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि कीमोथेरेपी के बाद भी कैंसर कई बार दोबारा क्यों फैल जाता है। नई रिसर्च इस दिशा में भी एक नया सुराग देती है। उनका कहना है कि यदि भविष्य के शोध इस प्रक्रिया की पुष्टि करते हैं, तो संभव है कि ऐसी दवाएं विकसित की जा सकें जो कैंसर कोशिकाओं के बीच होने वाले इन केमिकल मैसेजेस को रोक दें। इससे कैंसर के दोबारा फैलने का खतरा कम किया जा सकता है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह रिसर्च?

भारत में हर साल हजारों महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का पता चलता है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते और कई मामलों में बीमारी देर से पकड़ में आती है। अगर भविष्य में ऐसी नई थेरेपी विकसित होती है, जो कीमोथेरेपी के बाद बची कोशिकाओं को फैलने से रोक सके, तो मरीजों की रिकवरी और सर्वाइवल बेहतर हो सकती है।

मरीजों को क्या करना चाहिए?

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्टडी के आधार पर अपनी डाइट में कोई बड़ा बदलाव करने की जरूरत नहीं है। अगर करना भी चाहते हैं तो, बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।

डॉक्टर्स की ये सलाह जरूर मानें

  • संतुलित आहार लें।
  • फल खाना जारी रखें, जब तक डॉक्टर अलग सलाह न दें।
  • मीठे पेय और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड सीमित रखें।
  • कैंसर का इलाज कर रहे मरीज अपनी डाइट ऑन्कोलॉजिस्ट या क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट से तय करें।

रिसर्ट के 5 बड़े फैक्ट जरूर समझिए

  • फ्रक्टोज को कैंसर कोशिकाओं के बीच संभावित 'सिग्नल' के रूप में पहचाना गया।
  • यह अध्ययन खास तौर पर ओवेरियन कैंसर और कीमोथेरेपी के बाद बची कोशिकाओं पर केंद्रित है।
  • रिसर्च यह नहीं कहती कि फल खाना कैंसर फैलाता है।
  • यह खोज भविष्य में नई एंटी-कैंसर दवाओं के विकास का रास्ता खोल सकती है।
  • अभी और क्लिनिकल रिसर्च की जरूरत है, इसलिए इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

बता दें कि यह स्टडी कैंसर की जटिल कार्यप्रणाली को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शोधकर्ताओं ने कैंसर कोशिकाओं के बीच संचार का एक नया संभावित तंत्र खोजा है, जो भविष्य में बेहतर इलाज विकसित करने में मदद कर सकता है। वे आगाह करते हैं कि इस रिसर्च को इस नजरिये से बिल्कुल न देखें कि आपको फ्रक्टोज स्रोत पूरी तरह से बंद नहीं करना है, जब तक कि आपको डॉक्टर डाइट बदलने संबंधी किसी तरह की सलाह न दे।