31 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

किसान कैसे करें उपयुक्त फसल का चयन? सरकारी योजनाओं से खेती में बढ़ाएं मुनाफा

क्या आप जानते हैं कि सही फसल का चयन आपके खेत की किस्मत बदल सकता है? सही मिट्टी और मौसम के साथ-साथ बाजार की मांग को समझकर आप अपनी फसल से अधिकतम लाभ कमा सकते हैं।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Vinay Shakya

Aug 31, 2026

Guide for farmers

सांकेतिक इमेज (सोर्स -Chatgpt)

खेती में योजना बदलते समय सही फसल का चयन करना किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है। मिट्टी, मौसम, बाजार और सरकारी योजनाओं को समझकर ही यह निर्णय लाभकारी होता है। इस खबर में व्यावहारिक गाइड दी गई है, जो आपकी आमदनी बढ़ाने में मदद कर सकती है।

खेत की मिट्टी और जलवायु को समझें

सबसे पहले किसान अपनी जमीन की मिट्टी की जांच कराएं। काली मिट्टी में कपास, गेहूं और सोयाबीन की फसलें अच्छी होती हैं। लाल मिट्टी में मूंगफली, धान और बाजरा की फसल बेहतर होती है। इसी तरह जलोढ़ मिट्टी (इंडो-गैंगेटिक मैदान) में गेहूं, धान और गन्ना की फसल बेहतर होती है। इसके साथ ही, मौसम और सिंचाई की सुविधा को ध्यान में रखें। यदि पानी सीमित है, तो कम पानी वाली फसलें जैसे- बाजरा, मूंगफली या अरहर बेहतर विकल्प हो सकता है।

मंडी भाव और बाजार की मांग पर नजर

फसल का चयन करते समय मंडी भाव और बाजार की मांग जानना आवश्यक है। किसान e-NAM पोर्टल पर मंडी के ताजा भाव देख सकते हैं। मंडी भाव के अनुसार, किसान अपनी फसल चुन सकते हैं। इसके अलावा 'फसल प्लानर' जैसे टूल से बुवाई-कटाई की अवधि, MSP और आज का मंडी भाव जानकर अनुमानित आमदनी का आकलन किया जा सकता है।

सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं

हरियाणा सरकार के 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर खरीफ 2026 के लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक है। इससे किसान विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। उदाहरण के लिए धान की सीधी बिजाई (DSR) योजना के तहत पंजीकरण करने पर प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि मिलती है और मशीनों पर 50% तक अनुदान मिलता है। यदि किसान धान की जगह वैकल्पिक फसलें जैसे मक्का, कपास, दलहन, तिलहन, चारा या बागवानी फसलें लगाते हैं, तो 'मेरा पानी मेरी विरासत' योजना के तहत प्रति एकड़ 8,000 रुपये तक मिल सकते हैं।

उन्नत किस्मों और फसल संयोजन का उपयोग करें

कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में मिट्टी परीक्षण कराएं और उसी आधार पर उपयुक्त फसल चुनें। राई-सरसों जैसी फसलों के लिए 'आरएमसेलेक्ट' प्रणाली का उपयोग कर सकते हैं, जो आपके क्षेत्र और जलवायु के अनुसार उपयुक्त किस्म बताती है। इसके अलावा, प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण मार्गदर्शिका में खरीफ और रबी मौसम के लिए अंतरवर्ती फसल संयोजन और रोपण ज्यामिति की सटीक जानकारी मिलती है, जैसे- खरीफ में टमाटर या खीरे के बीच फ्रेंच बीन्स, भिंडी या बैंगन, रबी में मटर या बंदगोभी के बीच मेथी, धनिया या पालक उगाना।

फसल चक्रण और मिट्टी की सेहत बनाए रखें

दलहन विकास निदेशालय की गाइड बताती है कि चना, धान–चना, मक्का–चना जैसे फसल चक्रण से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। साथ ही, गोबर खाद, राइजोबियम कल्चर और उचित उर्वरक के उपयोग से उपज बढ़ती है।

एक नजर में: निर्णय के प्रमुख आधार

निर्णय का आधारक्या करें
मिट्टी और जलवायुमिट्टी की जांच कराएं, पानी की उपलब्धता देखें
बाजार और मंडी भावe-NAM पोर्टल और फसल प्लानर से मंडी भाव व अनुमानित आमदनी देखें
सरकारी योजनाएं“मेरी फसल मेरा ब्योरा” पर पंजीकरण, DSR व “मेरा पानी मेरी विरासत” योजनाओं का लाभ लें
उन्नत किस्में और संयोजनKVK, आरएमसेलेक्ट व प्रशिक्षण गाइड से सही किस्म व अंतरवर्ती फसल चुनें
फसल चक्रणचना–धान, मक्का–चना जैसे चक्रण अपनाएं, जैविक खाद व उर्वरक का उपयोग करें

किसानों के लिए सुझाव

जब आप मिट्टी, मौसम, बाजार और योजनाओं को समझ चुके हैं, तो अपने खेत के अनुसार एक या दो फसल विकल्प चुनें। KVK या कृषि विभाग से सलाह लेकर मिट्टी की जांच और किस्म का चयन करें। इसके बाद फसल प्लानर से अनुमानित आमदनी देखें और पंजीकरण कर सरकारी लाभ सुनिश्चित करें। इस तरह आप न केवल लागत घटा सकते हैं, बल्कि मुनाफा भी बढ़ा सकते हैं।