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घर खरीदने से पहले जानें ये छिपे खर्च, बच सकते हैं आपके लाखों रुपए!

Hidden Home Buying Costs: क्या आपने कभी सोचा है कि आपके नए घर की असली कीमत क्या होगी? रजिस्ट्री के छिपे खर्चों की जटिलता आपको चौंका सकती है। जानिए कैसे इन खर्चों को समझकर आप अपने बजट को सुरक्षित रख सकते हैं।
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 03, 2026

Home Buying Tips

Home Buying Tips: घर खरीदने से पहले जानें ये जरूरी बातें। (फोटोः एआई)

Hidden Home Buying Costs: रजिस्ट्री में छिपे खर्च अक्सर घर खरीदने वालों के बजट को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा देते हैं। ये खर्च सीधे रजिस्ट्री कार्यालय में दिखाई नहीं देते, लेकिन दस्तावेज तैयार होने के बाद अचानक सामने आ जाते हैं। जानिए, कौन-कौन से ऐसे खर्च हैं, कैसे बचा जा सकता है और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

छिपे खर्चों की असलियत

अक्सर विज्ञापन में दिखाई गई "बेस प्राइस" ही अंतिम कीमत नहीं होती। रजिस्ट्री के समय कई अतिरिक्त शुल्क जुड़ जाते हैं, जैसे स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी (यदि अंडर-कंस्ट्रक्शन है), पार्किंग, क्लब मेंबरशिप, मेंटेनेंस डिपॉजिट, लीगल फीस, होम लोन प्रोसेसिंग चार्ज आदि।

इन खर्चों के कारण कुल लागत अक्सर 10–20% तक बढ़ जाती है, और यदि इंटीरियर्स और फर्निशिंग भी जोड़ें, तो यह बढ़कर 25–40% तक हो सकती है।

मुख्य छिपे खर्च और उनका असर

  • स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस : स्टांप ड्यूटी राज्यों के अनुसार 4–7% तक हो सकती है, जबकि रजिस्ट्रेशन फीस सामान्यतः 1% होती है।
  • जीएसटी (अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर) : अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर 5% जीएसटी लगता है, जबकि रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर यह नहीं लगता।
  • पार्किंग, पीएलसी, फ्लोर राइज: पार्किंग के लिए ₹2–10 लाख तक अतिरिक्त खर्च हो सकता है। प्रिफरेंशियल लोकेशन चार्ज (पीएलसी) और फ्लोर राइज प्रीमियम भी कई लाख रुपये तक हो सकते हैं।
  • क्लब मेंबरशिप, मेंटेनेंस, कॉर्पस फंड: क्लब मेंबरशिप, मेंटेनेंस एडवांस और कॉर्पस फंड भी ₹50,000–₹3,00,000 तक हो सकते हैं।
  • होम लोन से जुड़े शुल्क: लोन प्रोसेसिंग फीस (0.25–1%), वैल्यूएशन, लीगल वेरिफिकेशन, CERSAI, MODT जैसे शुल्क भी जुड़ते हैं।
  • वार्षिक खर्च: प्रॉपर्टी टैक्स (0.2–3%), मेंटेनेंस, होम इंश्योरेंस आदि भी नियमित खर्च हैं।

इन खर्चों का असर

ये छिपे खर्च बजट को अचानक बढ़ा देते हैं और कई बार खरीदारों को वित्तीय तनाव में डाल देते हैं। कई लोग टोकन राशि जमा करने के बाद ही इन खर्चों से अवगत होते हैं, जब वापस हटना मुश्किल हो जाता है।

कैसे बचें इन छिपे खर्चों से

  1. बिल्डर से “ऑल-इन-प्राइस” की मांग करें, जिसमें बीएसपी, पीएलसी, पार्किंग, क्लब, मेंटेनेंस, लीगल फीस, जीएसटी आदि शामिल हों।
  2. RERA पोर्टल पर जाकर प्रोजेक्ट की स्थिति, स्वीकृतियां, टाइमलाइन और फीस की जानकारी स्वयं जांचें।
  3. होम लोन लेते समय प्रोसेसिंग, वैल्यूएशन, CERSAI, MODT आदि शुल्कों को ध्यान में रखें।
  4. राज्य के सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी दरों की जानकारी स्थानीय उप-निबंधन कार्यालय से प्राप्त करें।
  5. टोकन राशि जमा करने से पहले पूरी लागत का लिखित ब्रेकअप मांगें और समझें।

संक्षिप्त सारांश (तालिका में):

खर्च का प्रकारअनुमानित प्रतिशत/राशि
स्टांप ड्यूटी + रजिस्ट्रेशन5–8%
जीएसटी (अंडर-कंस्ट्रक्शन)5%
पार्किंग, पीएलसी, फ्लोर राइज आदिलाखों रुपये तक
क्लब, मेंटेनेंस, कॉर्पस फंड₹50,000–₹3,00,000 तक
होम लोन शुल्क0.25–1% + वैल्यूएशन आदि
वार्षिक खर्च0.2–3% (प्रॉपर्टी टैक्स) आदि


रजिस्ट्री में छिपे खर्च आपकी खरीदारी को महंगा बना सकते हैं, लेकिन सावधानी और पारदर्शिता से आप इन्हें नियंत्रित कर सकते हैं। बिल्डर से पूरा खर्चा मांगें, RERA और स्थानीय कार्यालयों से जानकारी लें और होम लोन के सभी शुल्क समझकर ही आगे बढ़ें। यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करता है; किसी भी कानूनी या वित्तीय निर्णय से पहले प्रमाणित सलाहकार से सलाह अवश्य लें।