
Home Buying Tips: घर खरीदने से पहले जानें ये जरूरी बातें। (फोटोः एआई)
Hidden Home Buying Costs: रजिस्ट्री में छिपे खर्च अक्सर घर खरीदने वालों के बजट को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा देते हैं। ये खर्च सीधे रजिस्ट्री कार्यालय में दिखाई नहीं देते, लेकिन दस्तावेज तैयार होने के बाद अचानक सामने आ जाते हैं। जानिए, कौन-कौन से ऐसे खर्च हैं, कैसे बचा जा सकता है और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
अक्सर विज्ञापन में दिखाई गई "बेस प्राइस" ही अंतिम कीमत नहीं होती। रजिस्ट्री के समय कई अतिरिक्त शुल्क जुड़ जाते हैं, जैसे स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, जीएसटी (यदि अंडर-कंस्ट्रक्शन है), पार्किंग, क्लब मेंबरशिप, मेंटेनेंस डिपॉजिट, लीगल फीस, होम लोन प्रोसेसिंग चार्ज आदि।
इन खर्चों के कारण कुल लागत अक्सर 10–20% तक बढ़ जाती है, और यदि इंटीरियर्स और फर्निशिंग भी जोड़ें, तो यह बढ़कर 25–40% तक हो सकती है।
ये छिपे खर्च बजट को अचानक बढ़ा देते हैं और कई बार खरीदारों को वित्तीय तनाव में डाल देते हैं। कई लोग टोकन राशि जमा करने के बाद ही इन खर्चों से अवगत होते हैं, जब वापस हटना मुश्किल हो जाता है।
संक्षिप्त सारांश (तालिका में):
| खर्च का प्रकार | अनुमानित प्रतिशत/राशि |
|---|---|
| स्टांप ड्यूटी + रजिस्ट्रेशन | 5–8% |
| जीएसटी (अंडर-कंस्ट्रक्शन) | 5% |
| पार्किंग, पीएलसी, फ्लोर राइज आदि | लाखों रुपये तक |
| क्लब, मेंटेनेंस, कॉर्पस फंड | ₹50,000–₹3,00,000 तक |
| होम लोन शुल्क | 0.25–1% + वैल्यूएशन आदि |
| वार्षिक खर्च | 0.2–3% (प्रॉपर्टी टैक्स) आदि |
रजिस्ट्री में छिपे खर्च आपकी खरीदारी को महंगा बना सकते हैं, लेकिन सावधानी और पारदर्शिता से आप इन्हें नियंत्रित कर सकते हैं। बिल्डर से पूरा खर्चा मांगें, RERA और स्थानीय कार्यालयों से जानकारी लें और होम लोन के सभी शुल्क समझकर ही आगे बढ़ें। यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करता है; किसी भी कानूनी या वित्तीय निर्णय से पहले प्रमाणित सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
Updated on:
03 Aug 2026 03:40 pm
Published on:
03 Aug 2026 03:40 pm
