
सांकेतिक इमेज (सोर्स- gemini)
आम, अमरूद, कटहल जैसे पेड़ों के बीच खाली जमीन में अदरक एवं हल्दी जैसी सहफसली फसलें उगाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। इस खाली जमीन का सही उपयोग किसानों को बड़ा मुनाफा दे सकता हैं। यदि आपके पास फलदार बगीचा है और खाली जगह है, तो इंटरक्रॉपिंग एक व्यावहारिक और लाभदायक विकल्प हो सकता है। शुरुआत में छोटे पैमाने पर प्रयोग करें, जैसे एक या दो बेड और अनुभव के आधार पर विस्तार करें। यह तरीका न केवल आपकी आमदनी बढ़ाएगा, बल्कि जमीन का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित करेगा। बाग में खाली पड़ी जमीन का उपयोग कैसे करें, आइए आसान तरीके से समझते हैं।
अदरक और हल्दी दोनों ही छाया पसंद फसलें हैं, जो तेज धूप की बजाय छनकर आने वाली रोशनी में बेहतर बढ़ती हैं। इसलिए इन्हें आम, अमरूद, नींबू या कटहल जैसे बड़े फलदार पेड़ों के बीच उगाया जा सकता है। इस तरह की खेती से खाली पड़े हिस्से का उपयोग होता है और अतिरिक्त आय भी मिलती है। वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि आम के बगीचों में इन फसलों को लगाने से मुख्य फसल पर कोई नकारात्मक असर नहीं होता, बल्कि लाभदायक परिणाम मिलते हैं।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के शोध में पाया गया कि आम के बगीचे में अदरक और हल्दी की सहफसली खेती से अतिरिक्त आय मिलती है। अदरक में प्रति हेक्टेयर लगभग ₹1,79,996 की शुद्ध आय और लाभ-लागत अनुपात (B:C) 2.04 रहा, जबकि हल्दी में ₹1,29,232 की आय और B:C अनुपात 1.86 रहा—जबकि केवल आम की खेती में यह अनुपात 1.81 था। इससे स्पष्ट होता है कि खाली जगह का उपयोग करके किसान अपनी आमदनी में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RPCAU) के अध्ययन में पाया गया कि 6–8 वर्ष पुराने आंवला बगीचों में हल्दी और अदरक की सहफसली खेती से लाभदायक परिणाम मिले। आंवला + हल्दी संयोजन में लाभ-लागत अनुपात 6.29 था, जबकि आंवला + अदरक में यह 3.44 था। इससे प्रति हेक्टेयर ₹3.99 लाख तक अतिरिक्त आय का अनुमान लगाया गया।
केरल में नारियल, काजू, रबर और होम गार्डन जैसी प्रणालियों में अदरक और हल्दी की उपज अलग-अलग रही। उदाहरण के लिए, काजू के बगीचों में हल्दी की उपज 7.63 Mg/ha रही, जबकि खुले खेत में यह 7.01 Mg/ha थी। जम्मू में आम के बगीचों में किए गए शोध में हल्दी और अदरक दोनों को सफलतापूर्वक उगाया जा सकता पाया गया, और हल्दी ने सबसे अधिक उपज दी।
सबसे पहले, बगीचे में खाली पड़े हिस्से की पहचान करें। जहां पेड़ों की छाया पर्याप्त हो और मिट्टी उपजाऊ हो, ऐसी जगह का चयन करें।
| इंटरक्रॉपिंग सिस्टम | लाभ-लागत अनुपात (B:C) | अतिरिक्त आय (₹/ha) |
|---|---|---|
| आम + अदरक | 2.04 | लगभग ₹1,79,996 |
| आम + हल्दी | 1.86 | लगभग ₹1,29,232 |
| आंवला + हल्दी | 6.29 | लगभग ₹3.99 लाख |
| आंवला + अदरक | 3.44 | ------------------------- |
Updated on:
8 Sep 2026, 2:41 PM IST
Published on:
26 Aug 2026, 6:32 PM IST
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