
नाना पाटेकर का निधन (इमेज सोर्स- Chatgpt)
बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा में निधन हो गया। नाना पाटेकर ने 75 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। डोना पाउला स्थित ओशन पार्क स्थित अपने घर में नाना पाटेकर बेसुध पाए गए थे। पाटेकर को तुरंत बांबोलिम के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नाना पाटेकर को बेसुध अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने प्रोटोकॉल के तहत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद गोवा पुलिस ने BNS की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (Unnatural Death) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटनाक्रम मेडिको-लीगल प्रक्रिया के तहत सामान्य प्रोटोकॉल का हिस्सा है। जांच पूरी होने के बाद अगर मौत प्राकृतिक कारणों से पुष्टि होती है तो मामला बंद हो जाएगा।
मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, पाटेकर को सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। उन्होंने बताया कि अभिनेता को घर पर बेहोश और लगभग अनुत्तरदायी अवस्था में पाया गया था। मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉ. सालकर ने कहा कि यह कार्डियक अरेस्ट का मामला था। हालांकि सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।
अभिनेता पहले से कार्डियक मरीज थे और दवाइयां ले रहे थे। उन्होंने रात करीब 2:30-3:30 बजे एक मित्र को असुविधा और सीने में दर्द की शिकायत वाला संदेश भेजा था। मित्र के पहुंचने तक उनकी हालत बिगड़ चुकी थी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पाटेकर को डोना पाउला के घर से मणिपाल अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में मृत अवस्था में लाया गया था। पीएसआई नितिन नाइक के नेतृत्व में जांच चल रही है।
पुलिस फाइल में बताया गया है कि अस्पताल वार्ड का मुआयना किया गया, मेडिकल ऑफिसर से चर्चा की गई और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के बाद बीएनएसएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया। भारत में अस्पताल में मृत अवस्था में लाए गए व्यक्ति के मामले में मेडिको-लीगल केस (MLC) और पोस्टमॉर्टम अनिवार्य होता है, ताकि मौत के सटीक कारण की पुष्टि हो सके। नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर का गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम कराया गया था।
नाना पाटेकर का गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। महाराष्ट्र सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया। बेटे मल्हार पाटेकर ने मुखाग्नि दी। मल्हार ने मीडिया से बात करते हुए कहा- नाना साहब जैसे लोग असल में हमें कभी छोड़कर नहीं जाते। वे अपने कामों के जरिए हमेशा जिंदा रहते हैं। मराठी में हम ऐसे लोगों को ‘अजर-अमर’ कहते हैं। मल्हार ने कहा- उनके मन में हमेशा एक ही विचार रहता था, आइए, इंसानियत के नाम पर एकजुट हों और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करें।
मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं और फिल्म हस्तियों ने नाना को श्रद्धांजलि अर्पित की। पाटेकर ने करीब 5 दशकों तक हिंदी और मराठी सिनेमा तथा रंगमंच में काम किया। परिंदा, क्रांतिवीर, नटसम्राट और सलाम बॉम्बे जैसी फिल्मों में दमदार एक्टिंग ने उन्हें 3 राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री दिलाया।
Updated on:
09 Oct 2026 03:46 pm
Published on:
09 Oct 2026 03:46 pm
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