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क्या ऑर्गेनिक अंडे सच में पर्यावरण के लिए बेहतर हैं? नई स्टडी ने किया चौंकाने वाला दावा

Organic Eggs Environmental Impact: संडे हो या मंडे रोज खाएं अंडे... इस एक लाइन ने लोगों को अंडे खाने और उसके फायदे जानने को प्रेरित किया। आजकल ऑर्गेनिक अंडे भी लोगों की पसंद बन रहे हैं। लेकिन हाल ही में हुई एक वैज्ञानिक रिसर्च ने ऑर्गेनिक और फ्री रेंज अंडों को लेकर पर्यावरण को होने वाले नुकसान का खुलासा किया है, तो क्या ऑर्गेनिक अंडे खरीदना गलत है? जानिए क्या कहती है ये नई स्टडी?
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भारत

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Sanjana Kumar

Aug 07, 2026

Organic Eggs Environmental Impact

Organic Eggs Environmental Impact: तो क्या ऑर्गेनिक अंडे खरीदना गलत है, जानें क्या कहती है नई रिसर्च? (AI Creative)

Organic Eggs Environmental Impact: लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि ऑर्गेनिक और फ्री-रेंज अंडे पर्यावरण और पशु कल्याण के लिहाज से बेहतर विकल्प हैं। लेकिन एक नई रिसर्च ने इस धारणा पर सवाल उठाया है। अध्ययन में दावा किया गया है कि कुछ परिस्थितियों में ऑर्गेनिक और फ्री-रेंज अंडों का कार्बन फुटप्रिंट और पर्यावरणीय प्रभाव पारंपरिक पद्धति से उत्पादित अंडों से अधिक हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ऑर्गेनिक अंडे हमेशा पर्यावरण के लिए सबसे खराब हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ का पर्यावरणीय असर केवल उसके लेबल से नहीं, बल्कि उत्पादन की पूरी प्रक्रिया से तय होता है।

स्टडी में क्या सामने आया?

शोधकर्ताओं ने अंडा उत्पादन के अलग-अलग तरीकों का तुलनात्मक विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि फ्री-रेंज और ऑर्गेनिक मुर्गियों को अधिक खुली जगह, ज्यादा जमीन और अलग तरह के चारे की जरूरत होती है। इससे भूमि उपयोग, संसाधनों की खपत और कुछ मामलों में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ सकता है। दूसरी ओर, नियंत्रित वातावरण में होने वाली पारंपरिक पोल्ट्री फार्मिंग में कम जगह में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे प्रति अंडा संसाधनों की खपत कम हो सकती है।

तो क्या ऑर्गेनिक अंडे खरीदना गलत है?

वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा निष्कर्ष निकालना फिलहाल जल्दबाजी होगी। क्योंकि ऑर्गेनिक अंडों के कई फायदे भी माने जाते हैं। मुर्गियों के बेहतर रहने की व्यवस्था, एंटीबायोटिक के उपयोग पर सख्त नियम, पशु कल्याण के बेहतर मानक यानी पर्यावरण और पशु कल्याण दो अलग-अलग पहलू हैं। इनके बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है।

पर्यावरण पर असर किन तथ्यों से तय होता है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक केवल 'ऑर्गेनिक' या 'फ्री-रेंज' लेबल देखकर किसी उत्पाद को पर्यावरण के लिए अच्छा या बुरा नहीं कहा जा सकता। यह कुछ तथ्यों पर निर्भर करता है। इनमें मुर्गियों का चारा कहां से आया? उत्पादन में कितनी ऊर्जा लगी? पानी की खपत कितनी हुई? परिवहन की दूरी कितनी थी? पैकेजिंग कैसी थी? जैसे सवाल शामिल हैं।

फैक्ट फाइल- ये जानना भी जरूरी

फ्री रेंज अंडा क्या है?

ये उन मुर्गियों के अंडे हैं, जिन्हें पिंजरे में बंद रखने की बजाय खुले या अर्ध-खुले वातावरण में घूमने की आजादी दी जाती है।
मुर्गियां दिन के कुछ हिस्से में बाहर, जमीन पर घूम सकती हैं, धूप ले सकती हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें दिया गया चारा जैविक (ऑर्गेनिक) ही हो। फ्री रेंज सिर्फ रहने-सहने की परिस्थिति बताता है, चारे की क्वालिटी नहीं।

ऑर्गेनिक अंडा क्या है?

मुर्गी को जैविक (ऑर्गेनिक) चारा दिया जाता है। यानी बिना रासायनिक खाद, कीटनाशक या GMO के उगाई गई फसल दी जाती है।
एंटीबायोटिक्स और हार्मोन का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
आमतौर पर इन्हें भी खुले वातावरण में घूमने की सुविधा मिलती है। यानी ऑर्गेनिक अंडे अक्सर फ्री-रेंज भी होते हैं, पर हर फ्री-रेंज अंडा ऑर्गेनिक नहीं होता।

आम आदमी दुकान पर कैसे पहचाने?

  • अंडे का रंग या साइज देखकर अंदाजा न लगाएं, क्योंकि सफेद और भूरे, दोनों तरह के अंडे फ्री रेंज या ऑर्गेनिक हो सकते हैं।
  • पैकेट पर सिर्फ 'Farm Fresh' या 'Desi Egg' लिखा हो तो सतर्क रहें, क्योंकि, यह सिर्फ मार्केटिंग शब्द भी हो सकता है, इसका कोई तय मानक नहीं।
  • 'Organic' लिखा है तो साथ में NPOP सर्टिफिकेशन का हरा गोल लोगो जरूर देखें, तभी असली ऑर्गेनिक मानें।
  • कीमत भी एक संकेत है- सामान्य अंडे सबसे सस्ते, फ्री रेंज उससे महंगे, ऑर्गेनिक सबसे महंगे। अगर 'ऑर्गेनिक' अंडा सामान्य जैसी ही कीमत में मिल रहा है, तो शक करें।
  • कुल मिलाकर आपको याद रखना है कि 'फ्री रेंज' का मतलब मुर्गी आजाद थी, ऑर्गेनिक का मतलब मुर्गी आजाद भी थी और उसका खाना भी शुद्ध था।

सावधानी भी जरूरी

भारत में 'फ्री रेंज' और 'ऑर्गेनिक' लेबल के लिए अभी अमेरिका-यूरोप जितने सख्त और मानकीकृत सर्टिफिकेशन नियम पूरी तरह लागू नहीं हैं। कई ब्रांड सिर्फ पैकेट पर दावा लिख देते हैं, बिना असली प्रमाणन के। इसलिए भरोसेमंद ब्रांड या सर्टिफाइड (APEDA का NPOP जैविक प्रमाणन) फार्म से ही खरीदना बेहतर रहता है।

अंडे खरीदते समय इन 5 बातों पर जरूर दें ध्यान

  • स्थानीय उत्पाद को प्राथमिकता दें।
  • जरूरत के मुताबिक ही अंडे खरीदें, ताकि भोजन बर्बाद न हो।
  • प्रमाणित उत्पाद चुनें।
  • पैकेजिंग कम हो तो बेहतर।
  • केवल 'ऑर्गेनिक' शब्द देखकर अंडे खरीदने का फैसला न करें।

यह अध्ययन एक महत्वपूर्ण बहस को सामने लाता है कि पर्यावरणीय स्थिरता का आकलन केवल एक लेबल से नहीं किया जा सकता। ऑर्गेनिक और फ्री-रेंज अंडों के अपने फायदे हैं, लेकिन उनका पर्यावरणीय प्रभाव उत्पादन प्रणाली, संसाधनों के उपयोग और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए इस रिसर्च को अंतिम सत्य नहीं, बल्कि टिकाऊ खाद्य उत्पादन पर चल रही वैज्ञानिक चर्चा का हिस्सा माना जाना चाहिए।