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Jaipur: महज 10 रुपए किराए के लिए की थी हत्या, जयपुर के चौमूं मर्डर केस में 9 साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला

जयपुर के चौमूं में 10 रुपए किराए के विवाद में मंगलचंद कुमावत की हत्या के नौ साल पुराने मामले में कोर्ट ने पिकअप ड्राइवर श्योपाल को 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना साल 2017 में नेशनल हाईवे-52 पर हुई थी।
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जयपुर

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Arvind Rao

Aug 07, 2026

Jaipur Chomu Murder Case

जयपुर के चौमूं मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला (पत्रिका फाइल फोटो)

Jaipur Chomu Murder Case: जयपुर के चौमूं में महज 10 रुपए के किराए को लेकर हुए एक दर्दनाक हत्याकांड में अदालत ने नौ साल बाद फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-10) श्वेता ढाका की अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पिकअप ड्राइवर श्योपाल को दोषी माना और उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

बता दें कि यह पूरा मामला साल 2017 का है। पुलिस और अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, पीड़िता के भाई भंवरलाल कुमावत और मृतक मंगलचंद कुमावत हरमाड़ा के टोड़ी मोड़ बस स्टैंड पर मौजूद थे। उन्हें चौमूं जाना था, जिसके लिए उन्होंने पिकअप ड्राइवर श्योपाल से बातचीत की। दोनों भाइयों ने चौमूं तक छोड़ने के बदले 10 रुपए किराया देने की बात तय की थी।

जब पिकअप चौमूं के नेशनल हाईवे-52 पर स्थित भोजलावा कट के पास पहुंची, तो किराए के लेन-देन को लेकर पिकअप ड्राइवर श्योपाल और मंगलचंद कुमावत के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह मामूली कहासुनी एक हिंसक विवाद में बदल गई।

इलाज के दौरान हुई थी मौत

विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर पिकअप ड्राइवर श्योपाल ने गाड़ी रोक दी। उसने पिकअप में रखा हुआ लोहे का एक धारदार हथियार निकाला और मंगलचंद कुमावत पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भयानक था कि मंगलचंद गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। घटना के तुरंत बाद घायल मंगलचंद को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।

घटना के बाद मृतक के भाई ने चौमूं थाना पुलिस में आरोपी ड्राइवर श्योपाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

17 गवाहों के बयान दर्ज हुए

कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक एडवोकेट सुनील कुमार सैनी ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। केस को मजबूती से पेश करने के लिए अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 57 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए।

न्यायाधीश श्वेता ढाका ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी गवाहों, सबूतों और पुलिस की जांच रिपोर्ट का गहनता से अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी श्योपाल को मंगलचंद की हत्या का दोषी माना और उसे 10 साल के कठोर कारावास तथा 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।