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बॉडी का ‘साइलेंट कंट्रोल रूम’ है थायरॉयड ग्लैंड, जो बिगड़े तो बदलने लगेगा शरीर, कहीं आपमें तो नहीं हो रहे ये बदलाव?

Thyroid Gland: क्या आप जानते हैं थायरॉयड क्या है? यह कैसे काम करती है? यह कौन से हार्मोन रिलीज करती है? और अगर ये बिगड़ जाए, तो आपके शरीर में क्या बदलाव नजर आते हैं? वैज्ञानिक शोध और डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित जानने के लिए patrika.com पर संजना कुमार के साथ... पढ़ें 'थायरॉयड की अनकही कहानी'
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भारत

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Sanjana Kumar

Jul 29, 2026

Thyroid Untold Story

Thyroid Untold Story: क्या आपके शरीर में भी हो रहे हैं कई बदलाव? दिख रहे हैं ये लक्षण, तो जरूर जानें क्या है थायरॉयड? कैसे करती है काम, कहीं यहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं? (AI Creative)

Thyroid Gland: 'मुझे हाइपोथायरॉडिज्म की समस्या है। 22 साल की उम्र में मुझे अचानक बहुत ज्यादा घबराहट होने लगती थी। दिल की धड़कनें अचानक बढ़ जाती थीं। मैं बहुत एक्टिव लड़की थी। लेकिन कुछ समय से मुझे नींद ज्यादा आने लगी थी और कोई भी काम करने में इंट्रेस्ट ही नहीं आता था। एक लेजीनेस थी मुझमें। भूख बहुत बढ़ गई थी। बार-बार खाने से वजन लगातार बढ़ने लगा था। डॉक्टर को दिखाया तो थायरॉयड का टेस्ट करवाया गया। टेस्ट में हाइपोथायरॉडिज्म डायग्नोज हुआ। और तब से आज 10 साल बाद भी मुझे रेग्युलर दवाएं लेनी होती हैं। कभी नॉर्मल आ जाता है, कभी नहीं।'

ये कहना है ज्योति मल का। थायरॉयड के ये लक्षण आम हैं, इसके विपरीत हाइपरथायरॉयड में वजन तेजी से कम होने लगता है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग थायरॉयड को सिर्फ वजन बढ़ने या फिर घटने की सामान्य बीमारी मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सामान्य नजर आने वाली यह बीमारी लापरवाही के कारण जान का जोखिम बढ़ा सकती है। क्योंकि आपके दिल की धड़कन से लेकर दिमाग, मांसपेशियों, वजन, तापमान और प्रजनन क्षमता तक, सिर्फ 20-25 ग्राम की यह तितली जैसी ग्रंथि तय करती है कि शरीर कितनी तेजी से चलेगा।

वैज्ञानिक कहते हैं 'मेटाबॉलिक कमांड सेंटर'

दरअसल वैज्ञानिक इसे शरीर का 'मेटाबॉलिक कमांड सेंटर' कहते हैं। डॉक्टर्स बताते हैं कि गर्दन के सामने स्थित तितली के आकार की यह छोटी-सी ग्रंथि हर सेकंड शरीर की लाखों कोशिकाओं को निर्देश देती है कि उन्हें कितनी ऊर्जा बनानी है, कितनी ऑक्सीजन खर्च करनी है और किस गति से काम करना है। जब यह ग्रंथि सामान्य रूप से काम करती है तो शरीर की अधिकांश प्रक्रियाएं संतुलित रहती हैं। लेकिन जैसे ही इसके हार्मोन कम या ज्यादा बनने लगते हैं, दिल की धड़कन, दिमाग की कार्यक्षमता, पाचन, शरीर का तापमान, मांसपेशियों की ताकत, हड्डियां, त्वचा, बाल और यहां तक कि मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होने लगता है।

दुनिया के सबसे बड़े और मशहूर वैज्ञानिक और एंडोक्राइनोलॉजिस्टस बताते हैं

थायरॉयड के क्षेत्र के एक और फेमस वैज्ञानिक और यूनाइटेड किंगडम की शेफील्ड यूनिवर्सिटी में क्लिनिकल मेडिसिन के पूर्व प्रोफेसर डॉ. एंथनी पी. वीटमैन को एक मेडिकल रिसर्चर और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट हैं। ऑटोइम्यून थायरॉयड रोगों पर अपने शोध और अध्ययन के लिए जाने जाने वाले डॉ. वीटमैन ने इन थायरॉयड बीमारियों का इम्यून सिस्टम पर पड़ने वाले प्रभावों पर कई किताबें और सैकड़ों रिसर्च पेपर लिखे हैं। वे कहते हैं-थायरॉइड हार्मोन शरीर के लगभग हर टिश्यू के मेटाबोलिक रेट को नियंत्रित करते हैं।

वहीं चिकित्सा जगत की सबसे प्रमाणिक मानी जाने वाली बुक 'वर्नर एंड इंगबार्स द थायरॉयड' के संपादक प्रोफेसर डॉ. लुईस ई. ब्रेवरमैन दुनिया भर के सबसे बड़े थायरॉयड एक्सपर्ट्स में से एक माने जाते हैं। वे मशहूर और सम्मानित मेडिकल रिसर्चर और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट हैं। डॉ. ब्रेवरमैन बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में एंडोक्राइनोलॉजी के प्रमुख रहे और अपने 50 साल के करियर में दुनिया भर के 200 से ज्यादा थायरॉयड एक्सपर्ट्स को प्रशिक्षित किया है। उन्होंने और उनके सहयोगियों ने 1970 में यह साबित किया कि... 'थायरॉयड ग्रंथि T4 नामक एक हॉर्मोन बनाती है, जोशरीर के अन्य टिश्यूज में जाकर ज्यादा एक्टिव हो जाता है और T3 हॉर्मोन में बदल जाता है।' इनके मुताबिक- थायरॉइड हार्मोन जीवन भर सामान्य विकास, वृद्धि और मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी है।'

क्या आप जानते हैं थायरॉयड ग्लैंड कभी आराम नहीं करती?

अगर आपके मन में सवाल है कि थायरॉयड ग्रंथि दिन में काम करती है या फिर रात में? तो इसका जवाब है कि छोटी सी यह ग्रंथि कभी आराम नहीं करती। यह नींद में भी एक्टिव रहती है। ठंड में यह ज्यादा ऊर्जा का उत्पादन करती है। इससे रिलीज होने वाले हार्मोन गर्भावस्था के दौरान ज्यादा रिलीज होते हैं, जो न केवल मां के लिए बल्कि उसके होने वाले शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी होते हैं। वहीं जन्म के बाद यह बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह ग्रंथि लाइफ टाइम एक्टिव रहती है। इसमें आई जरा सी गड़बड़ी भी आपको मानसिक और शारीरिक रूप से कई समस्याएं दे सकती है।

थायरॉयड की गड़बड़ी हो, तो शरीर के किन अंगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

  • दिमाग
  • हृदय
  • मांसपेशियां
  • हड्डियां
  • लीवर
  • किडनी
  • त्वचा
  • बाल
  • प्रजनन तंत्र
  • पाचन तंत्र

वैज्ञानिकों, डॉक्टर्स और हेल्थ-फिटनेस एक्सपर्ट तक का मानना है कि शरीर की शायद ही ऐसी कोई कोशिका हो, जिस पर थायरॉयड हार्मोन का प्रभाव न पड़ता हो। संपूर्ण शरीर की कार्यप्रणाली पर और अंगों पर इसका सीधा असर पड़ता है।

थायरॉयड की गड़बड़ी... इसके पीछे एक नहीं, कई कारण

  • ऑटोइम्यून रोग (जैसे Hashimoto's thyroiditis)
  • आयोडीन की कमी या अधिकता
  • बढ़ता तनाव
  • आनुवंशिक कारण
  • महिलाओं में हार्मोनल बदलाव
  • बढ़ती उम्र
  • कुछ दवाइयां

रिसर्च क्या कहती है?

  • The Lancet Diabetes & Endocrinologyके मुताबिक थायरॉयड हार्मोन शरीर के एनर्जी बैलेंस, हार्ट और ब्रेन के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक हैं।
  • American Thyroid Associationके अनुसार थायरॉयड रोगों की समय पर पहचान से अधिकांश मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases का कहना है कि महिलाओं में थायरॉयड विकार पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक पाए जाते हैं।

कहना होगा कि थायरॉयड सिर्फ एक सामान्य ग्रंथि नहीं, बल्कि शरीर की ऊर्जा, विकास और जीवन-गति को नियंत्रित करने वाला जैविक नियंत्रण केंद्र है। जब यह संतुलित रहती है, तो शरीर सामान्य रूप से चलता है, लेकिन इसके हार्मोन का थोड़ा-सा भी असंतुलन पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है। इसीलिए एक्स्पर्ट्स चेताते हैं कि लगातार थकान, वजन में बदलाव, बाल झड़ना या दिल की धड़कन में असामान्य परिवर्तन जैसे संकेतों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। थॉयरॉयड से जुड़ी विस्तृत और रोचक जानकारी के लिए पढ़ते रहिए patrika.com.