
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए सियासी तस्वीर साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के 8 और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। नामांकन पत्रों की जांच में 2 निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने और नाम वापसी की समय सीमा तक किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में नहीं रहने से सभी सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।
बीजेपी के 8 और सपा के दो उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान की आवश्यकता समाप्त हो गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का प्रतिनिधित्व भी खत्म हो गया है। भाजपा की ओर से राज्यसभा पहुंचने वालों में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, भाजपा के प्रदेश OBC मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं।
वहीं, सपा के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी ने उच्च सदन में जगह बनाई है। निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार वर्मा ने शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिकताएं पूरी करते हुए नवनिर्वाचित सदस्यों के प्रमाणपत्र जारी किए। विधानसभा परिसर में आयोजित प्रक्रिया के दौरान भाजपा के अधिकांश उम्मीदवार स्वयं पहुंचे और अपने प्रमाणपत्र प्राप्त किए। राधाकांत ओझा की ओर से उनके प्रतिनिधि ने प्रमाणपत्र लिया, जबकि राम गोपाल यादव की ओर से पूर्व एमएलसी राकेश यादव प्रमाणपत्र लेने पहुंचे।
राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद बीजेपी नेता प्रकाश पाल ने कहा कि वह पिछले 36 वर्षों से पार्टी में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। अब सदन में प्रदेश और देश की जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। प्रकाश पाल ने भाजपा की 8 सीटों पर जीत को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संकेत बताते हुए दावा किया कि 2027 के चुनाव में भाजपा 80 प्रतिशत सीटें जीतेगी, जबकि विपक्षी गठबंधन को 20 प्रतिशत सीटें मिलेंगी।
भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका सिंह रावत ने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने इसे भाजपा की कार्यकर्ता आधारित व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए कहा कि पार्टी में मेहनत करने वाला कार्यकर्ता उच्च पदों तक पहुंच सकता है। उन्होंने 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने का विश्वास भी जताया।
दो राज्यसभा सीटें जीतने के बाद उच्च सदन में सपा के सदस्यों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। पार्टी के मौजूदा सदस्यों में राम गोपाल यादव, जावेद अली, रामजी लाल सुमन और जया बच्चन शामिल हैं। राम गोपाल यादव के दोबारा निर्वाचित होने और धनराज परिमल नथवानी के पहली बार राज्यसभा पहुंचने से पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है। नथवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा जताया है।
नथवानी ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे तथा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े उनके दृष्टिकोण को संसद में आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहेंगे। वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। इन सीटों में पहले भाजपा के पास आठ, सपा के पास एक और बसपा के पास एक सीट थी। नए निर्वाचन के बाद भाजपा गठबंधन की आठ और सपा की दो सीटों पर जीत ने राज्यसभा में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है।
Updated on:
09 Oct 2026 06:58 pm
Published on:
09 Oct 2026 06:58 pm
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