
WhatsApp का नया AI सिक्योरिटी फीचर अब स्पैम कॉल, संदिग्ध मैसेज और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा करने में मदद करेगा। ( विजुअल: ChatGPT)
WhatsApp AI Feature: डिजिटल दुनिया में स्पैम कॉल, फर्जी मैसेज और साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फर्जी लोन, डिजिटल अरेस्ट, पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी और टेलीग्राम पर पैसे ट्रांसफर करवाने जैसी घटनाओं ने आम स्मार्टफोन यूजर्स की नींद उड़ा दी है। इन खतरों से निपटने और यूज़र्स की प्राइवेसी व सुरक्षा को मजबूत करने के लिए WhatsApp ने अपना एक एडवांस्ड 'AI बेस्ड ऑटोमैटिक सिक्योरिटी व स्पैम ब्लॉक' सिस्टम रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस नये सेफ्टी अपडेट का मुख्य उद्देश्य अनजान नंबरों से आने वाले स्पैम कॉल, संदिग्ध लिंक और ठगी वाले मैसेजेस को आपके इनबॉक्स में पहुंचने से पहले ही रोक देना है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नया एआई फीचर कैसे काम करता है, मेटा (Meta) का इसके पीछे क्या आधिकारिक बयान है और इसे आप अपने मोबाइल में कैसे चालू कर सकते हैं।
व्हाटस अप के नये सिक्योरिटी फीचर की विशेषताएं जानिए। ( विजुअल: Google Gemini AI.)
व्हाट्सएप का यह नया सुरक्षा फीचर मेटा के मशीन लर्निंग (Machine Learning) और एआई (Artificial Intelligence) एल्गोरिदम पर आधारित है। अब तक व्हाट्सएप पर अगर कोई अनजान नंबर आपको मैसेज या कॉल करता था, तो आपको खुद उसे ब्लॉक या रिपोर्ट करना पड़ता था। लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से स्मार्ट और काफी हद तक ऑटोमैटिक हो गई है। पहले हर फ्रॉड नंबर को मैनुअली ब्लॉक करना पड़ता था। सिस्टम ऑटोमैटिक डिटेक्ट कर के एक्शन लेता है।
जब भी कोई ऐसा नंबर आपको व्हाट्सएप पर कॉल करेगा जो आपकी कांटेक्ट लिस्ट (Contact List) में सेव नहीं है, तो सिस्टम उस कॉल को तुरंत साइलेंट कर देगा। फोन की स्क्रीन पर रिंग नहीं बजेगी और न ही वाइब्रेशन होगा। हालांकि, वह कॉल पूरी तरह गायब नहीं होगी—आप उसे अपने 'Calls' टैब में जाकर देख सकेंगे ताकि कोई जरूरी कॉल गलती से न छूटे।
अगर कोई अनजान नंबर आपको बल्क में मैसेजेस भेजता है या किसी असामान्य दर (unusual rate) से मैसेजिंग कर रहा है, तो व्हाट्सएप का एआई तुरंत उस व्यवहार को डिटेक्ट कर लेता है। अनजान अकाउंट से मैसेजेज को ब्लॉक करना (Block Unknown Account Messages): व्हाट्सएप सेटिंग्स में एक नया स्विच दिया गया है। जब कोई अनजान अकाउंट अचानक बहुत सारे मैसेज भेजता है, तो व्हाट्सएप उस नंबर से आने वाले मैसेज को अपने आप ब्लॉक कर देगा।
अगर किसी अनजान मैसेज में कोई ऐसा वेब लिंक शामिल है जो फ़िशिंग या मैलवेयर से जुड़ा लगता है, तो एआई यूज़र को लाल चेतावनी बैनर दिखाएगा कि इस लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है।
मेटा (Meta) और व्हाट्सएप की ऑफिशियल इंजीनियरिंग एंड सेफ्टी टीम के अनुसार, इस फीचर को प्राइवेसी के ग्लोबल प्राइवेसी स्टेंडर्ड को ध्यान में रख कर डिजाइन किया गया है।
हमारा मेन मकसद यूज़र्स को फ्रॉड और अवांछित व्यवधान (unwanted distractions) से बचाना है, बिना उनकी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) से समझौता किए। मशीन लर्निंग मॉडल केवल नेटवर्क ट्रैफिक पैटर्न, मैसेज भेजने की फ्रीक्वेंसी और रिपोर्टिंग डेटा का विश्लेषण करते हैं। आपके पर्सनल मैसेजेस की सामग्री को कोई नहीं पढ़ सकता।'
साइबर सेफ्टी एक्सपटर्स और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की सलाह के बाद मेटा ने भारतीय यूज़र्स के लिए इस फीचर को प्राथमिकता के आधार पर पेश किया है, क्योंकि भारत में व्हाट्सएप के सबसे ज्यादा (50 करोड़ से अधिक) एक्टिव यूज़र्स हैं।
व्हाटस अप पर कोई आपको धोखा न दे सके, इसके लिए खास है नया सिक्योरिटी फीचर। ( विजुअल: Google Gemini AI.)
यह फीचर एंड्रॉइड (Android) और आईफोन (iOS) दोनों यूज़र्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। अगर आप भी स्पैम कॉल्स और मैसेज से मुक्ति चाहते हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया को फॉलो करें:
सबसे पहले अपने फोन के Google Play Store या Apple App Store पर जाएं और WhatsApp को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करें।
व्हाट्सएप खोलें।
ऊपर दाएं कोने में बने तीन डॉट्स (Three Dots) पर क्लिक करें (iPhone यूज़र्स नीचे दिए गए Settings आइकन पर टैप करें)।
सैटिंग्स >प्राइवेसी पर जाएं।
WhatsApp > सैटिंग्स > प्राइवेसी > कॉल्स & एडवांस्ड
'प्राइवेसी' सेक्शन में नीचे स्क्रॉल करें और कॉल्स विकल्प पर टैप करें।
यहां आपको "Silence Unknown Callers" (अज्ञात कॉल करने वालों को साइलेंट करें) का ऑप्शन दिखेगा।
इसके सामने दिए गए टॉगल स्विच को ऑन कर दें।
वापस 'प्राइवेसी' मेन्यू में आएं और सबसे नीचे जाएं।
एडवांस्ड अल्टरनेट पर क्लिक करें।
यहां आपको 'Block unknown account messages' का टॉगल बटन मिलेगा, इसे ऑन कर दें।
इसी सेक्शन में 'Protect IP address in calls' (कॉल में आईपी एड्रेस सुरक्षित रखें) को भी ऑन कर लें ताकि आपकी लोकेशन ट्रैक न हो सके।
हालांकि व्हाट्सएप के एआई सिक्योरिटी फीचर्स आपके फोन को बहुत हद तक सुरक्षित कर देते हैं, फिर भी डिजिटल सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है:
टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification) ऑन रखें: हमेशा अपने व्हाट्सएप पर 6-डिजिट का पिन सेट करके रखें। (Settings > Account > Two-step verification)।
पर्सनल डिटेल्स शेयर न करें: अगर कोई अनजान नंबर आपको पार्ट-टाइम जॉब में रोजाना 5,000 रुपये कमाने या पुलिस/कस्टम अधिकारी बन कर 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी देता है, तो तुरंत समझ जाएं कि यह फ्रॉड है।
ओटीपी (OTP) या बैंक विवरण न दें: व्हाट्सएप पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक ओटीपी, क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर या पासवर्ड शेयर न करें।
अगर आप किसी भी प्रकार केसाइबर फ्रॉड का शिकार हो जाएं तो फौरन राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
बहरहाल, व्हाट्सएप का यह नया एआई सुरक्षा फीचर यूजर्स को साइबर अपराधियों से एक कदम आगे रखने में मदद करेगा। अगर आपने अभी तक अपनी व्हाट्सएप सेटिंग्स में जाकर इन ऑप्शंस को ऑन नहीं किया है, तो आज ही अपनी सेटिंग्स चेक करें और अपने डिजिटल अनुभव को सुरक्षित बनाएं।
Updated on:
26 Jul 2026 11:38 am
Published on:
26 Jul 2026 11:38 am
