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कोई व्हीलचेयर पर निकल पड़ा तो कोई गर्भवती पत्नी को लेकर पैदल जा रहा

Picture Story इन तस्वीरों से आप गुजरेंगे तो आंखें भर सकती हैं, संभव है आप विचलित हो जाए लाॅकडाउन में शहरों से गांवों की ओर रुख किए हजारों मजबूरों की कहानी
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राजगढ़

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 9 May 2020, 8:41 PM IST

और इनकी गांव पहुंचने की तमन्ना अधूरी ही रह गई

गुजरात से पैदल चलकर यूपी अपने घर जा रहे मलाहरगंज के रहने वाले मजदूर संतराज उम्र 32 वर्ष उदनखेड़ी टोलटैक्स के पास अचानक तबियत खराब हो गई और थोड़ी ही देर में इनको मौत ने आगोश में ले लिया। अचानक से हुई दर्दनाक घटना से इनके साथी प्रह्लाद और धर्मेंद कुमार के बोल नहीं फूट रहे थे। संतराज की गांव पहुंचने की यात्रा अब कभी पूरी नहीं हो सकेगी।

भूख ने बेबस किया तो गर्भवती पत्नी को लेकर गांव की आेर चल पड़ा

पुणे में रोजी रोटी का जुगाड़ करने गए थे। लाॅकडाउन से भूखमरी की कगार पर पहुंच गए। छह माह की गर्भवती पत्नी के इलाज तक को पैसे नहीं। पैदल ही निकल दिए अपनी गर्भवती पत्नी केसाथ भूख व बीमारी से पार पाने के लिए। करैरा जा रहे इस दंपत्ति पर पुलिस की नजर पड़ी। पुलिस ने मानवता दिखाई और किसी वाहन से घर भेजवाने का इंतजाम कराया।

व्हीलचेयर वाले को भी जीना है...इसलिए चलना ही होगा

सीहोर से अलीगढ़ के लिए निकला एक दिव्यांग व तीन बच्चों के साथ एक परिवार। ब्यावरा के एबी रोड पर विनोद जाटव की पत्नी सुनीता, संजय, दारा, चांदनी, राजेश व रज्जन।

कुछ नहीं मिला तो लोडर में बच्चों को लेकर छुपकर बैठ गर्इ

मुंबर्इ से अपने तीन बच्चों को एक लोडर में छुपकर यात्री कर रही महिला को यूपी के सुल्तानपुर जाना है। गुना में पकड़े गए लेकिन पुलिस ने मानवीयता का परिचय दिया आैर जाने दिया गांव की आेर।