
नाथद्वारा. शहर के समीप स्थित बड़ाभाणुजा गांव में भगवान लक्ष्मी नारायणजी के फूलडोल महोत्सव शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया।


इसमें गांव के ब्राह्मण समाज के लोग दूल्हे का रूप धर कर नाचे। इस अलौकिक नजारे को देखने सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण लोग जमा हुए।

गांव में स्थित मंदिर के चौक में भगवान लक्ष्मी नारायणजी के फूल डोल सजाने के बाद यहां पर यह नृत्य किया गया, जिसमें गांव में रहने वाले सभी ब्राह्मण परिवार के सदस्य दूल्हे का वेश धारण करके शामिल हुए।

ये लोग खासतौर पर सिर पर साफा बांधकर तुर्रा किलंगी आदि लगाकर इस चौक में थाली- मादल की थाप पर नाचे और आपस में गले भी मिले। दोपहर में शुरू हुआ यह नृत्य शाम तक चलता रहा। इस दौरान भजन आदि कार्यक्रम भी हुए। आसपास के क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों के यह दिन मेले जैसा रहा, वे अपने परिवार के साथ यहां पर देखने के साथ विशेष सामग्री भी खरीदने पहुंचे।


वहीं, आयोजन के दौरान बीच-बीच में विशेष भजनों का कार्यक्रम भी हुआ एवं आपस में मिल-जुलकर लोगा फूंदी लेकर भी खूब नाचे।बालचाल नहीं, तब भी मिले गले

नृत्य के दौरान यदि किन्ही व्यक्तियों के बीच में बोलचाल नहीं हैं तो भी नाचते समय आमने-सामने आ जाने पर दोनों गले मिलते हैंं, जिससे एक-दूसरे के गिले-शिकवे दूर होते हैं। नृत्य की इस परंपरा को जीवंत बनाये रखने गुजरात व महाराष्ट्र आदि कई शहरों में रोजगार को लेकर प्रवासरत अधिकांश सदस्य भी यहां पहुंचे और इस नृत्य में पूरी श्रद्धा व उत्साह के साथ भाग लिया।