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असम: एनआरसी में अवैध करार दिए गए 40 लाख लोगों का बनेगा बायोमेट्रिक डेटा बैंक

राज्‍य सरकार के इस निर्णय से तय हो गया है कि अब ये घुसपैठिए किसी अन्‍य राज्‍यों में भी छुपकर नहीं रह पाएंगे।
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Dhirendra Kumar Mishra

Aug 01, 2018

assm nrc

असम: एनआरसी में अवैध करार दिए गए 40 लाख लोगों का बनेगा बायोमेट्रिक डेटा बैंक

नई दिल्‍ली। एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट में अवैध करार दिए गए 40 लाख लोगों को दूसरे राज्‍यों में प्रवेश करने से रोकने के लिए जल्‍द ही उनका बायोमेट्रिक डेटा बैंक बनेगा। यह कदम असम सरकार ने घुसपैठियों की अन्‍य राज्‍यों में पलायन रोकने के मकसद से उठाया है। राज्‍य सरकार के इस निर्णय से तय हो गया है कि अब ये घुसपैठिए असम से भागकर किसी अन्‍य राज्‍य में भी शरण नहीं ले पाएंगे। क्‍योंकि ऐसा करने पर उनकी पहचान करना अब आसान होगा। आपको बता दें कि एनआरसी के आखिरी ड्राफ्ट में 40,07,707 लोगों को अवैध करार दिया गया है। अब उनका बायोमेट्रिक्स लिया जाएगा।

केंद्र का प्रस्‍ताव
एनआरसी के मुद्दे पर मचे बवाल के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह उन 40 लाख लोगों के बायोमेट्रिक्स का ब्योरा लेने पर विचार कर रहा है जिनके नाम असम में एनआरसी के अंतिम ड्राफ्ट में शामिल नहीं हैं। ताकि गलत पहचान के आधार पर अन्य राज्यों में उनके प्रवेश को रोका जा सके। यह कदम सतर्कता और राष्‍ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर केंद्र सरकार उठाने का निर्णय लिया है।

पलायन की आशंका
न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की पीठ के सामने उपस्थित होकर केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों ने आशंका जताई है कि वैसे लोग जिनके नाम एनआरसी के दूसरे और अंतिम ड्राफ्ट में शामिल नहीं हैं, वे अन्य राज्यों में पलायन कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि उन राज्यों की आशंकाओं को दूर करने के लिए सरकार 40 लाख से अधिक लोगों का बायोमेट्रिक डाटा एकत्र करने पर विचार कर रही है। ताकि अगर उन्हें विदेशी घोषित किया जाता है और वे गलत पहचान के आधार पर दूसरे राज्यों में चले जाते हैं तो संबंधित अधिकारी उनका पता लगा सकें।

सरकार जो चाहे करे
वेणुगोपाल की ओर से केंद्र का पक्ष रखे जाने के बाद पीठ ने कहा कि सरकार जो भी करना चाहती है वो कर सकती है। लेकिन सरकार के इस कामकाज का भी जांच करने का न्‍यायालय को अधिकार होगा। पीठ ने कहा कि आप जो भी चाहें करें। फिलहाल हम इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। पहले आप बायोमेट्रिक सिस्‍टम पर अमल करें हम जरूरत पड़ने पर इसकी जांच कर लेंगे। लेकिन हमारी चुप्पी सहमति या आश्वासन का प्रतीक नहीं माना जाएगा।