1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Lok Sabha 2024: NDA को हराने के लिए अखिलेश ने बनाया PDA, बोले- इस बार UP में 80 सीटों पर हारेगी भाजपा

Lok Sabha 2024: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सपा प्रमुख ने अपना रोडमैप तैयार कर लिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके प्लान PDA से भाजपा प्रदेश में खाता तक नहीं खोल पाएगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Prashant Tiwari

•

Updated: 17 Jun 2023, 4:27 PM IST

 akhilesh-made-pda-to-defeat-nda

सपा प्रमुख अखिलेश यादव

लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने नया फार्मूला बनाया है। NDTV के कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगले चुनाव के लिए उनका प्लान PDA तैयार है। इस बार चुनाव में भाजपा का प्रदेश में खाता भी नहीं खुलेगा और समाजवादी पार्टी प्रदेश की सभी 80 सीटों पर चुनाव जीतेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगले चुनाव के लिए उनका एक ही नारा है 80 हराओ, भाजपा हटाओ।

80 हराओ, भाजपा हटाओ
आगामी चुनावों में अपनी पार्टी की तैयारियों के बारे में बात करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि दूसरे दल बड़े दिल के साथ समाजवादी पार्टी के साथ आएं। मैं उन सभी दलों को यकीन दिलाता हूं कि प्रदेश की 80 की 80 सीटों पर हमारी जीत होगी। हमारी पार्टी का एक मात्र नारा है 80 हराओ, भाजपा हटाओ।

जो दल जहां मजबूत है, वहां उनके उम्मीदवार
वहीं, लोकसभा चुनाव में सपा के दूसरे दलों से गठबंधन के एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने गठबंधन से इंकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमने कई दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है और उसके परिणाम भी सामने आए हैं। हमने कई वरिष्ठ नेताओं से बात करने के बाद यहीं निष्कर्ष निकाला है कि जो दल जहां मजबूत है, वहां उसके उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए। यूपी सहित दूसरा राज्यों में विपक्षी पार्टियों को PDA के फॉर्मूले पर काम करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक पर हमला, TMC कार्यकर्ताओं पर लगा आरोप, BJP ने राज्यपाल से की कार्यवाई की मांग

हम गठबंधन में कभी सीटों के लिए नहीं लड़ें
अखिलेश यादव से जब सवाल किया गया की क्या 2024 में सीटों को लेकर सपा ने फार्मूला बना लिया है। इस पर उन्होंने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में कांग्रेस और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधनों का हवाला दिया। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी हमेशा एक ईमानदार और मिलनसार गठबंधन सहयोगी रही है। उनकी पार्टी जहां भी गठबंधन में रही है, सीटों को लेकर कभी नहीं लड़ी। क्योंकि हमारा मकसद भाजपा को हराना है।