
एनआरसी पर संसद में संग्राम: अमित शाह ने कहा- हममें हिम्मत है, घुसपैठियों को असम से भगा के रहेंगे
नई दिल्ली। सोमवार को असम में एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद मंगलवार को मॉनसून सत्र के नौवें दिन राज्यसभा में जैसे ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राज्यसभा में बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसदों ने हंगाम मचा दिया। हंगामे से बेपरवाह अमित शाह बोलते रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार में बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने की हिम्मत नहीं हुई। हमारी सरकार ने घुसपैठियों की पहचान की है। हममें हिम्मत है और हम उन्हें असम से भगाकर रहेंगे।
सरकार ने की घुसपैठियों की पहचान
राज्यसभा में एनआरसी ड्राफ्ट पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी में भी घुसपैठियों की पहचान की हिम्मत नहीं हुई। मई, 2016 में पहली बार भाजपा सरकार असम में बनी। हमारी सरकार ने हिम्मत दिखाई। प्रदेश भाजपा सरकार दो साल के अल्प समय में धुसपैठिए की पहचान की है। 40 लाख अवैध लोग चिन्हित किए गए हैं। भाजपा सरकार उन्हें असम से बाहर निकालकर रहेगी।
घुसपैठियों को बचाना चहते हैं विपक्षी दल
अमित शाह ने राज्यसभा में कांग्रेस, टीएमसी सहित सभी विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वो लोग घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। उनकी मंशा घुसपैठियों को बाहर भेजने की नही हैं। विपक्षी दलों का यह रवैया देशहित में नहीं है। असम में इन घुसपैठियों के खिलाफ 1980 से आंदोलन जारी है। 1986-87 में राजीव गांधी ने एक समझौता किया था। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने उसके बाद से इस पर अमल नहीं किया।
विपक्षी सांसदों का हंगामा
अमित शाह जिस समय राज्यसभा में बोल रहे थे उस समय विपक्षी सांसदों ने सदन जमकर हंगामा मचाया। उन्होंने अमित शाह के भाषण देने से रोकने की कोशिश की। भाषणा के दौरान विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। इस बीच अमित शाह एनआरसी पर बोलते रहे।
Published on:
31 Jul 2018 02:12 pm
