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रफाल सौदे पर अब अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल, पूछा- इस घोटाले का पैसा किसकी जेब में गया?

कांग्रेस के बाद अब अरविंद केजरीवाल ने भी रफाल विमान सौदे पर सवाल उठाए हैं।
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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 8 Sep 2018, 10:18 PM IST

Arvind Kejriwal

रफाल सौदे पर अब अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल, पूछा- इस घोटाले का पैसा किसकी जेब में गया?

नई दिल्ली। कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी ने भी रफाल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर सवाल उठाए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को रफाल सौदे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि राफेल सौदे से किसको फायदा हुआ है।

किसकी जेब में गया रफाल घोटाले का : केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया कि देश की जनता जानना चाहती है कि राफेल सौदे से कौन लाभान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि रफाल घोटाले का पैसा किसकी जेब में गया। आप ने आरोप लगाया है कि राफाल लड़ाकू विमान का सौदा बहुत अधिक कीमत में हुआ है।

कांग्रेस बोली- एक झूठ के चक्कर में सौ झूठ बोल रही सरकार

रफाल डील को लेकर कांग्रेस ने भी शनिवार एक बार फिर सरकार पर बड़ा हमला बोला है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरेजवाला ने कहा कि अपने एक झूठ को छिपाने के लिए सरकार सौ झूठ बोल रही है। उन्होंने कहा कि रफाल डील को लेकर एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। उन्होंने कहा कि जो रफाल विमान फ्रांस से भारत आएंगे, वो भारत के हिसाब से विशिष्ट बदलावों के बिना आएंगे। सुरजेवाला ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अगर साल 2015 में आपात खरीदी गई थी, तो उसकी आपूर्ति 2022 में क्यों होगी'। उन्होंने यह भी कहा कि आखिर ये आपाता खरीद कैसे हुई। कांग्रेस नेता यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि यूपीए से तीन गुणा दाम पर 36 रफाल विमान खरीद कर मोदी सरकार ने देश को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इतना ही नहीं 126 विमान की जगह केवल 23 लड़ाकू विमान खरीदकर मोदी सरकार ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है।

कांग्रेस के आरोपों सरकार दे चुकी है सफाई

रफाल लड़ाकू विमान सौदे में भ्रष्टाचार के कांग्रेस के आरोपों को केंद्र सरकार ने पूरी तरह गलत करार दिया है। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 29 अगस्त को कहा कि विमान के साथ लगने वाले हथियारों और भारत केंद्रित अनुकूलन के साथ विमान की कीमत यूपीए सरकार द्वारा तय किए गए सौदे से कम से कम 20 फीसदी कम है। उन्होंने एक ब्लॉग में कांग्रेस पर इस सौदे में करीब एक दशक की देरी का आरोप लगाया, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी रफाल सौदे के तथ्यों से वाकिफ नहीं हैं। जेटली ने कहा कि ये सभी मुद्दे केवल और केवल झूठ पर आधारित हैं। राष्ट्रीय राजनीतिक दलों और उनके जिम्मेदार राजनेताओं से इस प्रकार की उम्मीद की जाती है कि वे रक्षा लेनदेन पर जनता के बीच जाने से पहले तथ्यों की जांच कर लें।

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