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अयोध्या विवाद: कांग्रेस ने किया SC के फैसले का स्वागत, कहा- मंदिर पर सियासत के द्वार बंद

अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा, मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन दी जाएगी
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

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Updated: 9 Nov 2019, 1:10 PM IST

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नई दिल्ली। अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। फैसला विवादित जमीन पर रामलला के हक में निर्णय सुनाया गया।

फैसले में कहा गया कि राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी।

वहीं, कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, हम राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं।

इस फैसले ने न केवल मंदिर के निर्माण के लिए दरवाजे खोले बल्कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए भाजपा और अन्य लोगों के लिए दरवाजे भी बंद कर दिए।

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आपको बता दें कि अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी।

केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया, लेकिन साथ ही कहा कि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह दी जाएगी।

अदालत ने बाबरी मस्जिद विध्वंस पर कहा कि मस्जिद को गिराना कानून का उल्लंघन था।

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इसके साथ ही अदालत ने कहा कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। एएसआई के मुताबिक मंदिर के ढांचे के ऊपर ही मस्जिद बनाई गई थी।

प्रधान न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आस्था के आधार पर फैसले नहीं लिए जा सकते हैं। हालांकि यह विवाद सुलझाने के लिए संकेतक हो सकता है।

अदालत को लोगों की आस्था को स्वीकार करना होगा और संतुलन बनाना होगा। अदालत ने कहा कि रामजन्मभूमि कोई व्यक्ति नहीं है, जो कानून के दायरे में आता हो।