
नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान बुलबुल पश्चिम बंगाल तट की ओर बढ़ रहा है, और उसने ओडिशा के तटीय इलाकों में तबाही मचानी शुरू कर दी है। इस प्रचंड तूफान के प्रभाव से शनिवार को तटीय जिलों में भारी बारिश के साथ ही तीव्र हवा चल रही है। चक्रवाती तूफान ने सैकड़ों पेड़ों को जड़ से उखाड़ फेंका है, जबकि NDRF , ODRAF, पुलिस और अग्निशमन कर्मी सड़कों पर गिरे पेड़ों को साफ करने में जुटे हैं, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके।
विशेष राहत आयुक्त (SRC) प्रदीप जेना ने सूचित किया कि उन्हें केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और भद्रक जिलों में पेड़ों के गिरने से सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की जानकारी मिली है। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल उन्हें जानमाल की हानि होने की कोई जानकारी नहीं मिली है। एसआरसी ने कहा कि भद्रक जिले के धामरा में हवा की गति 110 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई है। वहीं केंद्रापाड़ा जिला प्रशासन ने 1070 लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों से हटा कर अलग-अलग आश्रय शिविरों में पहुंचाया है। बालासोर और जगतसिंहपुर जिलों में 1500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बीते 24 घंटों में पारादीप में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो 159 मिलीमीटर है। वहीं चांदबाली में 143 मिलीमीटर और बालासोर में 32 मिलीमीटर बारिश हुई है। मुख्य सचिव असित त्रिपाठी ने भुवनेश्वर मौसम केंद्र के निर्देशक एच. आर विश्वास के साथ शनिवार सुबह हालात की समीक्षा की। त्रिपाठी ने कहा कि हम हालात पर निगरानी रख रहे हैं। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह प्रचंड चक्रवाती तूफान बुलबुल ओडिशा के पारादीप के 98 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में और बालासोर के 135 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिमी में स्थित है।
Updated on:
9 Nov 2019, 12:43 PM IST
Published on:
9 Nov 2019, 12:41 PM IST
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