5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मराठा आरक्षण: सर्वदलीय बैठक के बाद बोले फडणवीस, पिछड़ा आयोग की सलाह पर मिल सकता रिजर्वेशन

फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अनुचित कदम नहीं उठाने की अपील की है।
2 min read
Google source verification
cm fadanvis

मराठा आरक्षण: सर्वदलीय बैठक के बाद बोले फडणवीस, पिछड़ा आयोग की सलाह पर मिल सकता रिजर्वेशन

मुंबई: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई । बैठक के बाद सीएम फडणवीस ने कहा कि मराठा आरक्षण पर सभी पार्टियां सहमत हैं और हम इस पर एकमत से फैसला लेंगे। फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अनुचित कदम नहीं उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि डीजीपी को निर्देश दिया है कि प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज किए वापस लें। केवल पुलिस पर हमला करनेवालों और आगजनी करनेवालों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाए।'

ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र: हिंसक हुआ मराठा आंदोलन, आत्महत्या के प्रयास के बाद वाहनों में लगाई आग

पिछड़ा आयोग से मांगी रिपोर्ट

अपनी सरकार का बचाव करते हुए फडणवीस ने कहा कि हमारी सरकार ने इस पर कानून बना रखा है लेकिन मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। उन्होंने कहा कि हमने पिछड़ा आयोग से रिपोर्ट मांगी है, उनकी सलाह पर आरक्षण देने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन दुर्भाग्यवश आयोग के पहले मुखिया का निधन हो गया और दूसरे अध्यक्ष की नियुक्ति में काफी वक्त लग गया।' इसके बाद हम विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएंगे।

कॉलेज छात्रों को हर संभव मदद

मुख्यमंत्री ने कॉलेज छात्रों के लिए कहा कि 'अगर कोई अपनी व्यावहारिक समस्या रखते हैं तो हम सहयोग करने को तैयार हैं लेकिन अगर वे मराठा छात्रों को जान-बूझकर फीस के मामले पर परेशान करेंगे तो शिक्षा विभाग की ओर से उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

मराठा समुदाय कर रहा आंदोलन

गौरतलब है कि मराठा समुदाय शिक्षा और नौकरी में आरक्षण की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से राज्यव्यापी प्रदर्शन कर रहा है। इसमें आगजनी , तोड़फोड़ समेत कई उपद्रव की घटनाएं सामने आई। आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई , रायगढ़ पुणे, औरांगाबाद, समेत कई जिलों में हिंसक आंदोलन अख्तियार किया गया। राज्य में हिंसक घटनाओं के बाद सीएम ने इस पूरे मामले पर बयान दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय के विरोध का संज्ञान लिया है और इस पर कई फैसले लिए हैं। सरकार उनसे बात करने के लिए तैयार है।