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…तो कांग्रेस को मात देने के लिए सीएम चंद्रशेखर राव ने विधानसभा चुनाव कराने का लिया फैसला

केसीआर के इस दांव से तेलंगाना में चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ ही वहां पर भी चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है।
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...तो कांग्रेस को मात देने के लिए सीएम चंद्रशेखर राव ने विधानसभा चुनाव कराने का लिया फैसला

नई दिल्‍ली। तेलांगना की राजनीति में सीएम के चंद्रशेखर राव का अभी कोई सानी नहीं है। इसके बावजूद उन्‍होंने सियासी नजाकत को देखते हुए सीएम के पद से इस्‍तीफा दे दिया है। साथ ही राज्‍यपाल से तेलंगाना विधानसभा भंग का जल्‍द चुनाव कराने का सुझाव दिया है। उन्‍होंने ऐसा कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है ताकि राहुल गांधी केसीआर के विरोधियों से हाथ मिलाकर टीआरएस को पटखनी न दे सकें। बता दें कि तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल मई, 2019 में पूरा होना था, राज्य के चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ होने थे। लेकिन केसीआर के इस दांव के साथ अब आने वाले चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ यहां भी चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है।

राहुल को बताया मसखरा
इस्‍तीफा देने के बाद उन्‍होंने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को मसखरा बताया। प्रेसवार्ता के दौरान के चंद्रशेखर राव ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस देश के सबसे बड़े मसखरे हैं, वे जितना ही तेलंगाना आएंगे उतना ही हमें फायदा होगा। कांग्रेस ने भी इसका पलटवार करते हुए उनके विधानसभा भंग करने के फैसले को उनकी कब्र खोदना बताया था।

50 दिन में करेंगे 100 रैली
केसीआर ने इस्तीफा देते ही चुनाव के लिए हुंकार भी भर दी। वह बहुत जल्‍द चुनाव प्रचार भी शुरू कर देंगे। इतना ही नहीं वह अगले 50 दिनों में करीब 100 विधानसभा क्षेत्रों में रैली को संबोधित करेंगे। केसीआर की पहली रैली हुस्नाबाद में होगी। 2014 में भी उन्होंने यहीं से ही अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की थी।

105 उम्‍मीदवारों की सूची जारी
सीएम के पद से इस्‍तीफा देने के साथ ही उन्‍होंने 119 में से 105 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान भी कर दिया। टीआरएस की तरफ से सिर्फ उन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया है, जहां पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। इस तरह चौकाने वाले उनके फैसलों से साफ है कि वो प्रदेश में कांग्रेस को किसी भी कीमत में सत्‍ता में नहीं आने देना चाहते हैं।


टीआरएस को मिली थी प्रचंड बहुमत

आपको बता दें कि 2014 में अलग तेलंगाना राज्‍य बनने के बाद हुए पहले विधानसभा चुनाव में उन्‍हें 90 सीटें मिली थीं। विधानसभा की कुल 119 सीटें हैं। टीआरएस के खिलाफ यहां विपक्ष को 29 सीटें मिली थीं। इनमें कांग्रेस को 13, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को सात, भाजपा को पांच, टीडीपी को तीन और सीपीएम को एक सीटें मिली थीं।

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