
पीएम मोदी पर बचकाने ट्वीट से मुसीबत में फंसी कांग्रेस की दिव्या स्पंदना, जयराम रमेश ने बढ़ाई सिरदर्द
नई दिल्ली। बहुत कम समय में राहुल गांधी की नजर में आई और कांग्रेस आईटी सेल का मेकओवर करने वाली दिव्या स्पदंना एक बार फिर से चर्चा में हैं। इस बार उनकी चर्चा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से कुछ मुद्दों पर मतभेद के साथ दक्षिण की राजनीति में सक्रिय होने को लेकर है। हाल ही में उनके बारे में भी कहा गया कि वो अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं। लेकिन इस्तीफे की बात का वो खंडन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस्तीफे की बात आधारहीन हैं और वो पहले की तरह पार्टी के कामकाज को लेकर सक्रिय हैं। उसके बाद से इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि दिव्या अब दक्षिण भारत की राजनीति में नए सिरे से सक्रिय होना चाहती हैं।
दक्षिण से चुनाव लड़ने की तैयारी
आपको बता दें कि कर्नाटक के बेंगलूरू में 29 नवंबर 1982 में पैदा हुईं रम्या के परिवार में कई लोग राजनीति से जुड़े रहे हैं। इसलिए कहा जाता है कि राजनीति उनके खून में है। 2014 में लोकसभा चुनाव में वह मांड्या में सी एस पुत्तराजू से 5500 वोटों से हारी थीं। दिव्या स्पंदना फिलहाल कांग्रेस पार्टी की सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन का कार्यभार संभाल रहीं थीं। अब खबर आ रही है कि पिछले तीन दिनों से वह ऑफिस नहीं गई हैं और बताया यह जा रहा है कि वह चुनावी राजनीति में सक्रिय हो गई हैं। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वो लोकसभा का चुनाव भी लड़ सकती हैं। 2017 में राहुल गांधी ने उन्हें पार्टी की सोशल मीडिया का इंचार्ज बनाया था। सोशल मीडिया के कार्यभार दिए जाने के दौरान जब उनका साक्षात्कार लिया जा रहा था तब उनसे कई सवाल दागे गए। उनसे पूछा गया कि आप अपने प्रतिद्वंद्वी को किस तरह से हैंडल करेंगी तो उन्होंने कहा था कि जब हम बात राजनीति की करते हैं तो यहां हर जीत के लिए खेल खेलना होता है।
मोदी पर ट्वीट को लेकर रहीं चर्चा में
आपको बता दें कि दिव्या स्पंदना पीएम मोदी पर ट्वीट को लेकर भी चर्चा में रही हैं। खासकर दिव्या की ओर से पीएम मोदी को टाइटैनिक जैसे पोज में दिखाने वाले ट्वीट का काफी चर्चा में रहा था। हालांकि इस तरह के ट्वीट को लेकर पार्टी के ट्विटर हैंडल पर चली सवालों की सीरीज में ही नेहरू पर सवाल उठ गए, तो पार्टी को बैकफुट पर आना पड़ा। इसी तरह राखी सावंत का नाम लेकर मोदी पर कटाक्ष करने वाला ट्वीट को भी सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हुआ था। हालांकि दिव्या ने कई बेहतर ट्वीट और सोशल मीडिया पर पार्टी को मजबूत करने का काम किया। लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता पार्टी के कई नेताओं को रास नहीं आया।
पार्टी वार रूम में जयराम की बढ़ी सक्रियता
इस बीच पार्टी में जब से कोर कमेटी का संयोजक जयराम रमेश को बनाया गया तब वो पार्टी के हर विभाग में दखल देने लगे हैं। उन्होंने कई मौकों पर पार्टी के टि्वटर हैंडल से कोई वीडियो ट्वीट करने या कुछ अचानक लिखने को कहा तो किसी और मामले में व्यस्त होने के कारण दिव्या उपलब्ध नहीं हो पाईं थी। ऐसे में जयराम रमेश ने कांग्रेस के वार रूम 15 गुरुद्वारा रकाबगंज का भी कॉर्डिनेशन देख रहे हैं। वे अमूमन रोज वहां होते हैं और जरुरत पड़ने पर पार्टी हित में निर्देश देते हैं। वो चाहते हैं कि उस पर फौरन अमल हो। यही कारण है कि दिव्या आईटी सेल के कामकाज में पहले से कम रुचि लेने लगी हैं।
Updated on:
05 Oct 2018 02:15 pm
Published on:
05 Oct 2018 11:21 am
