
बिहार: दंगा आरोपियों से मिले गिरिराज सिंह, सीएम नीतीश बोले- सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वालों को छोड़ेंगे नहीं
पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सियासत गरमा गई है। दरअसल केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बिहार दंगों के आरोपियों से मिलना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नागवार गुजरी है। रविवार को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेते हुए नीतीश ने गिरिराज सिंह का नाम लिए बिना अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि भारत सरकार के एक मंत्री जेल में जाकर दंगा फैलाने वाले आरोपियों से मुलाक़ात कर रहे हैं लेकिन उनकी सरकार न तो किसी को बचाती हैं और ना फंसाती है। नीतीश ने कहा कि बिहार में सांप्रदायिक माहौल खराब करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेंगे। बता दें कि शनिवार को गिरिराज सिंह ने जेल में जाकर बिहार दंगों के आरोपियों से मुलाकात की थी और करीब 30 मिनट तक उनसे बातचीत की थी। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने भी मॉब लिंचिंग के आरोपियों को माला पहनाकर सम्मानित किया था। हालांकि बाद में इस मामले को लेकर अपनी सफाई भी दी थी।
नवादा जेल में जाकर दंगा आरोपियों से मिले गिरिराज सिंह
आपको बता दें कि बिहार के नवादा जेल में बंद दंगा आरोपियों का हालचाल पूछने भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उनके जेल में होने से वे बेहद दुखी हैं। इन लोगों को फंसाया गया है। सीएम नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए निशाना साधा और कहा कि राज्य सरकार हिन्दुओं को दबाने की मानसिकता रखती है। गिरिराज सिंह ने कहा कि जिस तरह से जीतू और कैलास को फंसाया गया है, यह बहुत हीं दुर्भाग्यपूर्ण है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सम्मेलन में बोले नीतीश
आपको बता दें कि नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी तरह के आरोपियों को नहीं बख्शेगी। नीतीश ने अपनी पुरानी बात को दौहराते हुए कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता से कोई भी समझौता नहीं करेगी भले ही सरकार रहे या न रहे। बता के नीतीश के इस बयान के बाद राजनीति में एक बार फिर से नाराजगी को लेकर बयानबाजी शुरु हो गई। नीतीश के इस रूख से साफ है कि गिरिराज सिंह के जेल में जाकर सांप्रदायिक हिंसा के आरोपियों से मुलाकात करना और बाद में दिए उनके बयानों से न केवल नाराज हैं बल्कि इस तरह के मामलों को लेकर ऐसे लोगों से निपटने के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
7-8 जुलाई को थी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सम्मेलन
आपको बता दें कि जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 7 और 8 जुलाई को राजधानी दिल्ली में हुई। सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार 8 जुलाई को सीएम नीतीश ने सम्मेलन में भाग लेते हुए संबोधित किया। हालांकि नीतीश के भाषण के दौरान मीडिया को को कवरेज करने की अनुमति नहीं दी गई थी। हालांकि मीडिया रिपोर्ट में आई खबरों के मुताबिक नीतीश सांप्रदायिकता के मामले पर भाजपा नेताओं के सामने कोई नरम रूख अख्तियार नहीं करेंगे। बता दें कि बीते दिनों भागलपुर में एक मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत की गिरफ्तारी हुई थी।
Published on:
08 Jul 2018 07:45 pm
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