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उत्‍तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर क्‍या विपक्षी एकता रह पाएगी मजबूत

सपा, बसपा और रालोद के बीच उम्‍मीदवार को लेकर बना हुआ है असमंजस  
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नई दिल्ली

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Pankaj Kumar Yadav

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Updated: 1 May 2018, 1:55 PM IST

Mayawati-Akhilesh yadav

file photo

नई दिल्‍ली। उत्‍तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर विपक्षी एकता की एक बार फिर परीक्षा होने जा रही है। भाजपा जहां अपनी सीट को बरकरार रखने की पुरजोर कोशिश करेगी वहीं सपा, बसपा और रालोद किसी भी कीमत पर भाजपा को जीतने नहीं देना चाहते। लेकिन इन तीनों दलों में अभी एकजुटता नजर नहीं आ रही हैं। भाजपा जहां अपने उम्‍मीदवार को लेकर आश्‍वस्‍त है वहीं विपक्ष की ओर से कौन चेहरा होगा इसको लेकर असंजस बरकरार है।

भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई कैराना सीट पर पार्टी सिंह की बेटी मृगांका को उम्‍मीदवार बनाने का मन बना रही है। लेकिन विपक्ष की ओर से कौन होगा उम्‍मीदवार इसको लेकर संशय बरकरार है। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा के उपचुनाव में मिली जीत से उत्‍साहित सपा भी इस सीट पर दावेदारी कर रही है। जबकि उपचुनाव में अपने उम्‍मीदवार न उतारने के अपने फैसले के विपरीत बसपा भी चाहती है कि इस बा र चुनाव में अपने उम्‍मीदवार उतारे। हालांकि पार्टी ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। वहीं सपा भी अपने पत्‍ते नहीं खोल रही है। सपा प्रवक्‍ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि अभी पार्टी ने उम्‍मीदवार को लेकर कोई फैसला नहीं किया है।

दूसरी ओर राष्‍ट्रीय लोकदल भी इस सीट पर अपनी दावेदारी जता रहा है। रालोद प्रमुख अजीत सिंह की इच्‍छा है कि पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश की इस सीट पर उनके बेटे जयंत चौधरी को सपा, बसपा के सहयोग से चुनाव मैदान में उतारा जाए। रालोद ने फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में सपा को समर्थन दिया था। लेकिन रालोद को यह सीट मिलेगी या नहीं इस पर भी असमंजस बना हुआ है। हालांकि रालोद के एक नेता का दावा है कि पार्टी यहां हरकीमत पर अपना उम्‍मीदवार उतारेगी।

चुनाव से पहले रालोद को झटका

कैराना उपचुनाव से पहले ही रालोद को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के एकमात्र विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने भाजपा का दामन थाम लिया है। राज्‍यसभा के चुनाव के दौरान रालोद ने अपने एकमात्र विधायक का वोट बसपा के पक्ष में दिलवाने का फैसला किया था लेकिन सहेंद्र ने क्रास वोटिंग कर पार्टी के मंसूबो पर पानी फेर दिया। उसके बाद रालोद ने सहेंद्र को पार्टी से निष्‍कासित कर दिया।

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