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महाराष्‍ट्र: मराठा छात्रों के लिए आरक्षण लागू, SEBC श्रेणी के छात्रों को मिलेगा इसका लाभ

एसईबीसी अध्यादेश को राज्यपाल की ओर से मिली मंजूरी इसी शैक्षिक सत्र से एसईबीसी उम्मीदवारों को मिलेगा इसका लाभ
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 21 May 2019, 9:15 AM IST

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महाराष्‍ट्र: मराठा छात्रों के लिए आरक्षण आज से लागू, SEBC श्रेणी के छात्रों को मिलेगा इसका लाभ

नई दिल्ली। महाराष्‍ट्र में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े मराठा छात्रों के लिए मंगलवार से आरक्षण लागू हो गया। इस आरक्षण का लाभ पोस्‍ट ग्रैजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने वाले मराठा छात्र उठा सकते हैं। प्रदेश के राज्‍यपाल सी विद्यासागर राव ने इससे संबंधित सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) आरक्षण अधिनियम 2018 अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। बता दें कि महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को ही आरक्षण अधिनियम, 2018 में संशोधन अध्यादेश का मंजूरी दे दी थी। उसके बाद विधेयक को राज्‍यपाल के पास स्‍वीकृति के लिए भेज दिया गया था।

बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक

राज्यपाल की ओर से एसईबीसी अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद अब शैक्षिक वर्ष 2019 - 20 से एसईबीसी उम्मीदवारों को इसका लाभ मिलेगा। बॉम्बे उच्च न्यायालय ने चार मई को कहा था कि राज्य की तरफ से आठ मार्च को सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) श्रेणी के तहत मराठा समुदाय को दिया गया 16 प्रतिशत आरक्षण इस साल के स्नातकोत्तर मेडिकल एवं डेंटल कोर्स में प्रवेश के संबंध में लागू नहीं होगा।

एसईबीसी के छात्र 18 से 25 मई तक ले सकते हैं प्रवेश

बॉम्‍बे हाईकोर्ट के इस रुख के बाद राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय ने अपील कर उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। ताकि उन्हें अपील करने का समय मिले। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने यह कहते हुए उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा कि प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अधिनियम लागू किया गया और एसईबीसी अधिनियम का अनुच्छे 16(2) ऐसी स्थिती में आरक्षण को खारिज करता है। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि एसईबीसी के तहत प्रवेश पाने वाले इन छात्रों को अखिल भारतीय कोटे के तहत प्रवेश दिया गया था जिससे उन्होंने रद्द कर दिया था। ऐसे में छात्रों का एक साल खराब हो सकता है। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने प्रवेश की समय सीमा 18 मई से 25 मई तक बढ़ा दी है।

बता दें कि 30 नवंबर, 2018 को महाराष्ट्र सरकार ने एसईबीसी के तहत मराठा समुदाय के लिए नौकरियों और शिक्षा में 16 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव दिया था। राज्य सरकार पर पहले से उचित कानूनी सावधानी न बरतने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने रविवार को मुख्यमंत्री के बंगले की घेराबंदी करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया