
,,
नई दिल्ली।महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बाद राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोंपो का दौर शुरू हो गया है। राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच हुई कथित डील को लेकर दोनों की ओर से अलग-अलग दावे पेश किए जा रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 50:50 के फॉर्मूले को नकार दिया है, वहीं शिवसेना ने इसको बाला साहब का अपमान बताया है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि सरकार गठन के लिए ढाई-ढाई साल को सीएम पद के लिए उद्धव ठाकरे और अमित शाह की बात मातोश्री स्थित बाला साहब के कमरे में हुई थी।
शिवसेना नेता ने कहा कि बाला साहब का कमरा उनके लिए मंदिर के समान है और मंदिर में वह कभी झूठ नहीं बोल सकते।
संजय राउत ने भाजपा पर बाला साहब का अपमान करने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि इससे पहले अमित शाह ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए शिवसेना के दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
शाह ने कहा कि हमे शिवसेना की नई शर्तें मंजूर नहीं हैं, यही वजह है कि हम सरकार नहीं बना पाए। एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने को सबको मौका दिया गया था।
इस दौरान शिवसेना को लेकर अमित शाह से पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि "हम में ऐसे संस्कार नहीं कि, बंद कमरे में हुई बातों को सार्वजनिक कर दें।
उन्होंने कहा कि हमने किसी के साथ कोई धोखा नहीं किया। यही नहीं अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने का सबसे अधिक खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा है।
क्यों कि राष्ट्रपति शासन लगने से हमारी कार्यकारी सरकार भी चली गई।
Updated on:
14 Nov 2019 11:51 am
Published on:
14 Nov 2019 11:05 am
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
