
#MeToo: अकबर विवाद पर बीजेपी चिंतित, अमित शाह ने कहा- आरोपों की होगी जांच
नई दिल्ली। यौन शौषण के आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर की मुश्किलें अब और भी बढ़ती जा रही हैं। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अकबर पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच की बात कही है। शाह ने कहा कि आरोप लगे हैं तो जांच होगी, लेकिन यह भी देखना पड़ेगा की जो आरोप लगे हैं उनमें कितनी सचाई है। बता दें कि अकबर पर आरोप है कि कई मीडिया संस्थानों में बतौर संपादक के रूप में काम करते हुए उन्होंने कई महिला पत्रकारों से गलत व्यवहार किया। आरोपों की इस कड़ी में अब एक विदेशी महिला पत्रकार ने भी अकबर पर हरासमेंट का आरोप लगाया है।
आरोप कहां तक सही इसकी भी हो जांच
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बेहद आवश्यक है कि यह देखा जाए कि जो भी अकबर पर आरोप लगाए जा रहे हैं वह कहां तक सत्य हैं। जिस ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर केंद्रीय मंत्री पर आरोप लगाए हैं, उस पोस्ट की सत्यता भी जांचनी होगी। कोई किसी का भी नाम इस तरह इस्तेमाल कर सकता है। आप मेरा नाम भी इस्तेमाल करते हुए कुछ भी लिख सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि सबसे पहले आरोप लगाने वाले की सत्याता की जांच हो। बीजेपी आलाकमान ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखा जा सकता है, केवल एक पोस्ट से किसी का जुर्म साबित नहीं होता और ना ही उस पर लगे आरोप सच हो जाते हैं।
अकबर विवाद को लेकर बीजेपी काफी गंभीर
बता दें कि #MeToo कैंपेन के जरिए यौन शोषण के आरोप से घिरे एम जे अकबर पर शाह ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी आलाकमान का इस मुद्दे पर बोलना यह भी दर्शा रहा है कि अकबर विवाद को लेकर पार्टी काफी गंभीर है और यह भी साफ है कि अकबर पर लगे आरोपों के बाद लोगों के सामने जा रहे नकारात्मक संदेश से बीजेपी काफी चिंतित है।
विदेशी महिला पत्रकार ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप
वहीं, अकबर पर एक और महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। आरोप लगाने वाली महिला एक विदेशी पत्रकार है। उनका आरोप है कि अकबर ने मीडिया संस्थान में साल 2007 में इंटर्न रहते हुए उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया था। महिला पत्रकार का आरोप है, ' अकबर ने मेरी शारीरिक वर्जनाओं को लांघते हुए मेरा और मेरे माता-पिता का भरोसा तोड़ा है।' पीड़ित विदेशी महिला पत्रकार ने बताया कि उनके माता-पिता 90 के दशक में दिल्ली में विदेशी संवाददाता के तौर पर कार्यरत थे और वह उन्हीं के जरिए अकबर से मिली थीं।
क्या है मामला
गौरलतब है कि सोशल मीडिया पर चल रहे #MeToo कैंपेन के जरिए महिलाएं अपने साथ काम के दौरान हुए यौन शोषण की घटनाओं को साझा कर रही हैं। सबसे पहले इसकी शुरुआत गुजरे जमाने की अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर पर हरासमेंट का आरोप लगाते हुए किया था। इसके बाद कई महिलाएं अपने साथ हुए यौन दुर्राचार पर खुलकर सामने आ रही हैं और अपनी बातें रख रही हैं। केंद्रीय मंत्री एमजे अखबर पर भी एक महिला पत्रकार ने काम के दौरान यौन शोषण का आरोप लगाया, जिसके बाद एक के बाद एक कई मामले सामने आ रहे हैं।'
Updated on:
13 Oct 2018 08:47 am
Published on:
13 Oct 2018 08:47 am
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