
नई दिल्ली।अमेठी में केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने करीबी पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह के शव-यात्रा में शामिल हुईं और उन्हें कंधा भी दिया। रविवार को शव को अंतिम दर्शन के लिए बरौलिया गांव लाया गया था।
स्मृति ने कहा कि अब इस परिवार को संभालने की जिम्मेदारी मेरी है। सुरेंद्र के पुत्र अभय सिंह ने कहा है कि हमें न्याय मिलना चाहिए। लेकिन यह मेरी लड़ाई है। हत्यारे को सजा दिलवाने के लिए मैं सर्वोच्च न्यायालय तक जाऊंगी।
गोली मार कर हुई थी सुरेंद्र सिंह की हत्या
स्मृति ईरानी के करीबी पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की देर रात गोली मार कर हत्या कर दी गई है। वहीं, अमेठी से नवनिर्वाचित सांसद स्मृति ईरानी खबर लगते ही अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए रवाना हो गईं। स्मृति बरौली गांव पहुंच मृतक सुरेंद्र सिंह के घर जाकर उनकी पत्नी, बेटियों और बेटे से मुलाकात की। अमेठी के अपर पुलिस अधीक्षक दया राम के अनुसार जामो थाना क्षेत्र के बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है।
दया राम ने बताया कि बाइक सवार बदामशों ने घर के बाहर सो रहे सुरेंद्र सिंह पर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। घायल पूर्व प्रधान को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते वक्त रास्ते में सुरेंद्र सिंह की मौत हो गई। दया राम ने बताया कि दो लोगो को हिरासत मे लिया गया है, घटना की जांच जारी है।
गौरतलब है कि लोक सभा चुनाव के दौरान जूता वितरण प्रकरण मे पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह काफी चर्चा मे रहे। वे स्मृति ईरानी के बहुत करीबी थे। बरौलिया गांव को रक्षा मंत्री रहते हुए मनोहर पर्रिकर ने गोद लिया था। स्मृति ईरानी के चुनाव प्रचार में पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की अहम भूमिका थी। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र सिंह का प्रभाव कई गांवों में था।
Updated on:
26 May 2019, 6:38 PM IST
Published on:
26 May 2019, 12:30 PM IST
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