
पटना। 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ किसी भी गठबंधन की संभावना को आज केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने सिरे से खारिज कर दिया। गुरूवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए राम विलास पासवान ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ गठबंधन के लिए कोई 'वेकैंसी' नहीं है। पासवान से जब गैर भाजपाई दलों द्वारा आम चुनाव से पहले गठबंधन की कोशिशों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। कोई 'वेकैंसी' नहीं है।' उन्होंने कहा कि क्या कोई राहुल गांधी को स्वीकारने का इच्छुक है। ममता बनर्जी अपना खुद का मोर्चा बना रही हैं। के चंद्रशेखर राव और चंद्रबाबू नायडू अपने मोर्चे बना रहे हैं। चुनाव के दौरान कितने मोर्चे बनेंगे। देखना आप चुनाव आते-आते ये सभी मोर्चे निष्क्रिय हो जाएंगे और जनता मोदी जी को ही वोट देगी।
राहुल दलित के घर खाना खाए तो क्रांतिकारी, शाह खाए तो दिक्कत
वहीं दलितों के घर पर कुछ भाजपा नेताओं के रात्रिभोज के मामलों पर पासवान ने कहा कि अगर आप किसी के यहां रात्रिभोज के लिए जा रहे हैं, जहां आप आमंत्रित हैं तो समस्या कहां है? समस्या तब होती है जब राहुल गांधी किसी दलित के यहां खाना खाते हैं और इसे क्रान्तिकारी पहल बताया जाता है। लेकिन अमित शाह यदि ऐसा करते हैं तो उन्हें रूढिवादी कहा जाता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पासवान ने हाल ही में हुई दलित हिंसा पर कहा कि संविधान में हिंसा की कोई जगह नहीं है। मायावती के नेतृत्व वाली बसपा जैसे राजनीतिक दल ऐसे हालात का फायदा लेना शुरू कर देते हैं।
बता दें कि केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पासवान राजधानी के एक दिवसीय दौरे पर आए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भारतीय खाद्य निगम की उपलब्धियों की भी समीक्षा की।
Published on:
03 May 2018 09:26 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
