
BJP का गंभीर आरोप, 'हो सकता है PDP और NC को सरकार बनाने के लिए सीमा पार से नए निर्देश मिले हों'
नई दिल्ली। कश्मीर में वैसे तो तापमान का पारा गिरा हुआ है लेकिन सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य की विधानसभा भंग हो गई है। सभी राजनैतिक पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति बनाने में लगी हुईं हैं। इस बीच भाजपा ने पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) पर बड़ा गंभीर आरोप लगाया है। बीजेपी महासचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने पीडीपी और एनसी को सीमा पार से निर्देश मिलने का आरोप लगाया है। राम माधव ने कहा कि पीडीपी और एनसी ने पिछले महीने स्थानीय निकाय चुनावों का बहिष्कार किया था। ये निर्देश उन्हें सीमा पार से मिले थे।हो सकता है कि उन्हें साथ आने और सरकार बनाने के नए निर्देश मिले हों। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया है। लेकिन इशारा पाकिस्तान की तरफ ही है।
वहीं राज्यपाल को फैक्स के जरिए सरकार बनाने दावा सौंपने की कोशिश पर राम माधव ने कहा, " राजभवन की फैक्स मशीन क्यों खराब है इसका जवाब तो केवल राज्यपाल ही दे सकते हैं। लेकिन ये मैडम महबूबा का बेकार का बहाना है। उन्होंने पत्र में सरकार बनाने का जिक्र नहीं किया है। उन्होंने (महबूबा) कहा मैं आऊंगी, उसके बाद देखूंगी फिर दवा किया जाएगा"। माधव ने पूरी घटनाक्रम को ड्रामा करार दिया है।
राम माधव के दावे पर उमर अब्दुल्ला भड़क गए हैं। भाजपा के आरोपों को उन्होंने बकवास बताया। उनका कहना है कि स्थानीय चुनावों का बहिष्कार करने का निर्देश पाकिस्तान से मिला ये साबित करके दिखाएं। उन्होंने राम माधव को आरोप साबित करने की चुनौती दी है।
चला बैठकों का दौर
घाटी में सियासी पारा चढ़ने से बैठकों को दौर चल रहा है। जम्मू कश्मीर पर राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए बीजेपी, कांग्रेस और पीडीपी ने बैठक बुलाई है। आज भाजपा की कोर ग्रुप की मीटिंग होने जा रही है। प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना ने जानकारी दी की भाजपा ने आज अहम बैठक बुलाई है जिसमें सभी विधायक शामिल रहेंगे। भविष्य में क्या करना है उसपर फैसला लिया जाएगा। उनका ये भी कहना है कि हम चाहते हैं कि लोकसभा चुनावों के साथ जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराएं जाएं। दूसरी तरफ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने कहा कि 23 नवंबर को दिल्ली में जम्मू कश्मीर के 50 नेताओं को बैठक होने जा रही है। बैठक पंजाब भवन में होगी। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अभी इस मुद्दे पर पार्टियों के बीच बातचीत चल रही है। लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं।
Published on:
22 Nov 2018, 11:16 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.