
पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्यपाल ने पंजाब राज्य विधानमंडल (अयोग्यता निवारण) संशोधन विधेयक, 2019 (Punjab State Legislature (Prevention of Disqualification) Amendment Bill, 2019) वापस नहीं किया है। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार- राज्यपाल ने विधेयक में राज्य से कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे, जिसमें मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में छह विधायकों की नियुक्ति के मामले में हितों के टकराव से संबंधित स्पष्टीकरण भी शामिल है।
मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा था विधेयक
उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पत्र को मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है और जल्द ही जरूरी जवाब सौंप दिया जाएगा। नवंबर में राज्य विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान पारित होने के बाद विधेयक को राज्यपाल के पास उनकी मंजूरी के लिए भेजा गया था।
राज्यपाल ने मांगा स्पष्टीकरण
प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल वीपीएस बदनौर ने विधेयक और संबंधित मामलों के कुछ प्रावधानों पर स्पष्टीकरण मांगा है। संबंधित मंत्री और अधिकारियों को राज्यपाल की ओर से उठाए गए मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि जल्द से जल्द राज्यपाल को इस बारे में प्रतिक्रिया से अवगत किया जा सके।
इन विधायकों की हुई थी नियुक्ति
राज्य सरकार ने सितंबर में चार विधायकों फरीदकोट से कुशलदीप सिंह ढिल्लों, गिद्दड़बाहा से राजा वारिंग, उरमुर से संगत सिंह गिलजियां और अमृतसर (दक्षिण) से इंद्रबीर सिंह बोलारिया को सितंबर में सलाहकार (राजनीतिक) नियुक्त किया था जबकि फतेहगढ़ साहिब के कुलजीत सिंह नागरा को कैबिनेट रैंक और स्टेटस में सलाहकार (योजना) नियुक्त किया गया। अटारी के तरसेम सिंह को राज्य मंत्री के पद के साथ सलाहकार (योजना) नामित किया गया था।
Updated on:
26 Dec 2019 10:51 am
Published on:
26 Dec 2019 10:07 am
