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रफाल पर सवाल उठाकर कांग्रेस ने वायु सेना क्षमता को जानबूझ कर नुकसान पहुंचाया: निर्मला सीतारमण

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस की ओर से सौदे को मुद्दा बनाए जाने से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की छवि को कोई नुकसान नहीं हो रहा।
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Chandra Prakash Chourasia

Oct 01, 2018

Nirmala Sitharaman

रफाल पर सवाल उठाकर कांग्रेस ने वायु सेना क्षमता को जानबूझ कर नुकसान पहुंचाया: निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। रफाल को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अर्धसत्य और आधारहीन आरोपों के आधार पर चलाए जा रहे रफाल सौदा विरोधी कांग्रेस के अभियान से असल मे देश की वायु सेना की अभियान संबंधी क्षमता को जानबूझ कर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस की ओर से सौदे को मुद्दा बनाए जाने से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की छवि को कोई नुकसान नहीं हो रहा।

रफाल पर हमसे नहीं यूपीए से पूछिए: सीतारमण

सीतारमण ने कहा कि रफाल सौदे से सरकारी क्षेत्र की हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को नहीं जोड़ पाने का सवाल मुझसे नहीं बल्कि यूपीए सरकार के दौरान के तत्कालीन रक्षामंत्री से पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने वायु सेना की आपात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के समय के सौदे में प्रस्तावित कुल 126 में से 18 उड़ान के लिए तैयार विमानों की संख्या को दोगुना कर 36 कर दिया। इस तरह एक तरह से सौदे में विमानों की संख्या बढ़ाई ही गई है।

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भारत ने नहीं की किसी कंपनी की सिफारिश

फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद उपजे विवाद पर सीतारमण ने कहा कि इसपर हुए बदलाव आदि के बारे में वित्त मंत्री पहले ही अपने लेख में बता चुके हैं। भारत सरकार ने किसी भी निजी या सरकारी कंपनी के लिए सिफारिश तो क्या सुझाव भी नहीं दिया था।

सैन्य अधिकारी को नहीं रोकती सरकार: रक्षामंत्री

एनडीए सरकार की सहयोगी शिवसेना के नेता संजय राउत की तरफ से रफाल सौदे की तुलना बोफोर्स के साथ किए जाने के बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री ने कहा कि वह उन्हें इस बारे में और जानकारी देना चाहेंगी ताकि वास्तविकता का उन्हें पता चल सके। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी शीर्ष सैन्य अधिकारी का इस्तेमाल अपनी बात रखने के लिए नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार साथ ही वायु, जल अथवा थल सेनाध्यक्ष को कोई बात जनता के समक्ष रखने से रोकती भी नहीं।