
पीयूष गोयल बोले, अलग रेल बजट का राजनीतिक टूल के रूप में हो रहा था इस्तेमाल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि राजनीतिक पार्टियां रेल बजट को अक्सर चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करती रही हैं। किंतु नरेन्द्र मोदी सरकार ने इसे अलग से पेश किए जाने की दशकों पुरानी परंपरा को समाप्त कर दिया है। ऐसा इसलिए किया, ताकि राजनीतिक पार्टियों को चुनाव जीतने के लिए इसे ‘उपकरण' के रूप में इस्तेमाल करने से रोका जा सके।
एक कार्यक्रम में संबोधित करते हए रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो न केवल समावेशी और सतत विकास प्रदान करते हैं, बल्कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत शक्ति बनाने वाले भी हैं।
गोयल ने कहा कि- ‘प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली ने रेलवे के कामकाज को भी बदल दिया है। हमने उन चीजों को प्राथमिकता देनी शुरू की है, जो एक राजनीतिक वर्ग के लिए नहीं बल्कि भारत के लिए अच्छी हैं। हमने राजनीतिक हस्तक्षेप को हटाने के लिए भी रेल बजट से छुटकारा पा लिया।’ उन्होंने कहा कि- ‘पिछले 65 साल से भी अधिक समय से, जो भी रेलवे बजट आया वह एक राजनीतिक उपकरण था। यह लड़े गए चुनावों और किए गए वादों पर आधारित था।’
दिसंबर तक पूरा होगा 'बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का काम
बता दें, रेलमंत्री ने इससे पहले कहा था कि- मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का काम इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आगरा-वाराणसी, दिल्ली-चंडीगढ़ और मुंबई-बेंगलुरू समेत पांच और तीव्र गति कॉरिडोर की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि इस साल दिसंबर तक पहली बुलेट ट्रेन परियोजना (मुंबई-अहमदाबाद) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हर हाल में पूरी हो जाएगी।
Updated on:
27 Oct 2018 10:40 pm
Published on:
27 Oct 2018 10:40 pm
