
पालघर उपचुनाव में भाजपा की जीत पर शिवसेना का तंज, दोबारा हो मतगणना
मुंबई: पालघर उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार की जीत पर शिवसेना ने आपत्ति जताई है। शिवसेना ने दोबारा मतगणना की मांग की है। उपचुनाव के नतीजे आने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार ने बहुमत खो दिया है। भाजपा को दोस्तों की जरूरत नहीं है। पालघर उपचुनाव में बीजेपी को 60% लोगों ने नकार दिया है। शिवसेना ने कहा कि 20 से 25वें दौर की काउंटिंग में भारी गड़बड़ी की आशंका है।भाजपा उम्मीदवार को विजयी घोषित नहीं करने की मांग की है। वहीं सूत्रों के मुताबिक खबर आ रही है कि शिवसेना के सभी मंत्री महाराष्ट्र सरकार से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि शिवसेना सराकर को बाहर से समर्थन करती रहेगी। बता दें कि लोकसभा की चार सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा को सिर्फ एक सीट पर जीत दर्ज हुई है। महाराष्ट्र के पालघर लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। भाजपा के प्रत्याशी ने 29572 वोट से जीत हासिल की है।वहीं उत्तर प्रदेश के कैराना में आरएलडी प्रत्याशी की जीत हुई है। कैरानी लोकसभा उपचुनाव में तबस्सुम हसन की 55000 वोटों से जीत दर्ज हुई है। महाराष्ट्र के भंडारा-गोंदिया में एनसीपी की विजय है। वहीं नागालैंड में एनडीपीपी प्रत्याशी की बढ़त है। पिछले चार सालों में किसी भी पार्टी के मुकाबले लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटों पर जीत मिली है। दूसरे नंबर पर भाजपा और उसके बाद टीएमसी की बारी आती है। यानी उपचुनाव में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली पार्टी कांग्रेस है। मोदी के पीएम बनने के बाद से अब तक 23 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुए और भाजपा के केवल चार सीटों में जीत दर्ज करने में सफल हुई।
उत्तर प्रदेश उपचुनाव में बड़ा झटका
इस साल मार्च में उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की इलाहाबाद में फुलपुर सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा को बिहार के अररिया में लोकसभा के उपचुनाव में भी हार झेलनी पड़ी थी। इस सीट पर आरजेडी को जीत मिली।
10 सीटों पर भाजपा का कब्जा
गौरतलब है कि 2014 से जिन 23 सीटों पर लोकसभा के उपचुनाव हुए हैं, इनमें से 10 सीटों पर पहले से ही भाजपा का कब्जा था। इनमें से भाजपा को 4 में जीत मिली और छह में हार का सामना करना पड़ा। इनमें से दो सीटों पर भाजपा को 2014 में जीत मिली थी जब नरेंद्र मोदी को ऐतिहासिक जनादेश मिला था। इसके बाद भाजपा को 2016 में 2 सीटों पर जीत मिली। साल 2015, 2017 और मार्च 2018 में बीजेपी को एक भी लोकसभा उपचुनाव में जीत नहीं मिली।
Published on:
31 May 2018, 4:36 PM IST
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