
tejashwi pm_modi
नई दिल्ली। बिहार में जातीय जनगणना (Cast Based Census) पर सियासत जारी है। जातीय जनगणना को लेकर आरजेडी सुप्रीमो के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लोकसभा में तीन दिन पहले लाए गए ओबीसी बिल पर भी तंज कसा। तेजस्वी ने कहा कि बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जातिगत जनगणना के मामले पर 4 अगस्त को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा था, लेकिन आज तक समय नहीं मिला।
केंद्र सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को जातीय जनगणना की मांग को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम नहीं जानते पीएम मोदी, नीतीश को मिलने के लिए समय क्यों नहीं दहे है। लेकिन इतना को स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हम जात-पात की बात नहीं कर रहे हैं, लेकिन ये जानना जरूरी है कि देश में किस जाति की जनसंख्या कितनी है। देश में गरीबों की जनसंख्या कितनी है।
बिहार की जनता का अपमान
तेजस्वी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बंगाल और पंजाब के मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं। लेकिन जिस बिहार ने उन्हें 39 सांसद दिए, उस राज्य के मुख्यमंत्री से नहीं मिल रहे। यह बिहार के मुख्यमंत्री का नहीं बल्कि बिहार की जनता का अपमान है। नीतीश कुमार को यह बात समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि हमें मिलने का समय दिया जाना चाहिए। जब जातिगत जनगणना होगी तब पिछड़ों के लिए अलग से योजना बनेगी।
OBC आरक्षण को 27 फीसदी से बढ़ाने की मांग
राजद नेता को उम्मीद है कि देश हित और जनहित की हमारी इस मांग को सुना जाएगा। उन्होंने OBC आरक्षण बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि चार लोगों के बनाए गए कमरें में 15 लोगों को डाल देंगे तो कमरे को बढ़ाने की जरूरत होगी। उन्होंने OBC आरक्षण को 27 फीसदी से बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार जातिगत जनगणना नहीं कराती, तो राज्य सरकार अपने खर्चे पर इसे करवाना चाहिए।
बता दें कि आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने ट्वीट कर कहा है कि जनगणना में विभिन्न पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं की गणना हो सकती है। विभिन्न पिछड़ी-अतिपिछड़ी जातियों के मनुष्यों की नहीं।
Published on:
13 Aug 2021 01:57 pm
