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आखिर अरनोद में सफाईकर्मियों ने क्यों की हड़ताल

अरनोद में एक सप्ताह से नहीं हो रही सफाई
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Pratapgarh

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सफाईकर्मियों की हड़ताल का असर
अरनोद
कस्बे में गत एक सप्ताह से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। हालात यह है कि यहां कस्बे में गंदगी के ढेर लग गए है। चारों और नालियां भर गई है। गांव में गंदगी फैली हुई है। लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से इसे अनदेखा किया जा रहा है। ग्राम पंचायत की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत में अभी ३१ सफाईकर्मी कार्यरत है। इन कर्मचारियों को अभी पन्द्रह सौ रुपए प्रति माह का मानदेय दिया जाता है। जबकि गांव की नालियों की सफाई और गांव में कचरा संग्रहण किए हुए कचरे को गांव से बहर फैंकने के लिए एक लाख बीस हजार रुपए का टैंडर किया हुआ है। फिर भी ग्राम पंचायत सफाई करवाने में नाकाम साबितहो रही है। वहीं जमादार भगवतीलाल डागर का कहना है कि ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है और मात्र पंद्रह सौ रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। यह भी समय पर नहीं दिया जाता है। अभी भी तीन महीने का मानदेय बकाया चल रहा है। इस मंहगाई के समय में मात्र पंद्रह सौ रुपए में घर खर्च चलाना मुश्किल है। पंचायत में काम करने के बाद इतना समय ही नहीं बचता कि दूसरी मजदूरी करने जाए। कर्मचारियों ने मानदेय छ: हजार रुपए प्रतिमाह की मांग की है। वहीं ग्राम पंचायत की ओर से पूरे गांव की सफाई का टेंडर निकाला जा रहा है, उसका भी विरोध किया गया। टैंडर प्रक्रिया निरस्त नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर सचिव लक्ष्मणलाल खटीक का कहना है कि कि ग्राम पंचायत में इतना बजट ही नहीं है कि रोजाना दो सौ रुपए का मानदेय दिया जाए। इस कारण गांव और नालियों की सफाई के लिए टेंडर जारी कर दिए है। शीघ्र समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
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सोयाबीन के मिनी किट वितरण
मोखमपुरा
यहां किसान सेवा केंद्र किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर किसानों को खरीफ बुवाई की जानकारी दी गई। कृषि पर्यवेक्षक नंदलाल मीणा ने सोयाबीन के मिनीकिट वितरित किए। जिसमें अनुसूचित जाति व जनजाति कृषक महिलाओं को बीजों का वितरण किया गया। जिसमें घोटारसी, कल्याणपुरा, बसेरा व डाबडा कि महिलाओं ने भाग लिया।

दलोट में जलापूर्ति बाधित
दलोट
कस्बे में कई दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया कि वाटर वक्र्स पर 3 दिन से बिजली बंद है। जिसके कारण कस्बे में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
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