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चार घंटे तक जाम रहा एनएच 113, नाकाबंदी से घबराया चालक, पलटा ट्रेक्टर

ग्रामीणों ने लगाया जाम
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pratapgarh

चार घंटे तक जाम रहा एनएच 113, नाकाबंदी से घबराया चालक, पलटा ट्रेक्टर

पीपलखूंट. पीपलखूंट थाना क्षेत्र में एनएच 113 पर गुरुवार रात को पुलिस नाकाबंदी को देखकर ट्रेक्टर चालक घबरा गया। इससे ट्रेक्टर पलट गया और चालक घायल हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने यहां मार्ग पर जाम लगा दिया। चार घंटे में पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद जाम खोला गया। इस दौरान वाहनों की कतारें लग गई। पीपलखूंट थाना पुलिस की टीम नेशनल हाइवे पर नाकाबंदी कर रही थी। इस दौरान खमेरा की तरफ से तेज गति से आ रहा ट्रेक्टर का चालाक बीच सडक़ बैरियर देख घबरा गया। इस दौरान चालक के संतुलन खोने से ट्रेक्टर पलट गया व चालक को चोट आई। घायल चालक को पीपलखूंट अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
यहां हादसा देख नाकाबंदी कर रहे पुलिस के जवान अन्यत्र चले गए। सूचना पर चालक परिजन व ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
एनएच 113 मार्ग जाम कर नाकाबंदी कर रहे जवानों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इससे मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान सडक के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
सूचना पर पीपलखूंट वृत्ताधिकारी जयदेवसिंह, थानाधिकारी राजेश कटारा, घंटाली थानाधिकारी मोहनसिंह चंद्रावत, सुहागपुरा थानाधिकारी मय जाप्ते मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाने को लेकर अड़े रहे। माहौल गरमाते देख थानाधिकारी ने अन्य आलाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इस पर अरनोद उपखंड अधिकारी कुलराज मीणा, पीपलखूंट तहसीलदार रामपाल मीणा, एसपी रतनलाल भार्गव, प्रतापगढ़ शहर कोतवाल बाबुलाल मुरारिया व पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों को समझाइश की गई। इस दौरान पीपलखूंट सरपंच बहादुरसिंह निनामा, नरेन्द्रसिंह, रामा भाई, मनोहर निनामा, संदीप टेलर आदि ने समझाइश की। इस दौरान कुछ लोग विवाद करने लगे। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाई और भीड़ को बिखेरा और रास्ता खुलवाया गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई गई।
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1 करोड़ रुपए का ट्रेक, खामियों की भरमार
निर्माण एजेंसी के अधिकारी बोले-‘खेल विभाग भाग रहा है जिम्मेदारी से’
प्रतापगढ़. यहां खेलगांव स्थित नवनिर्मित एथलेटिक्स ट्रेक, निर्माण के डेढ साल बाद भी अनुपयोगी साबित हो रहा है। जबकि इस ट्रेक पर अब तक तकरीबन लाखों रूपए व्यय हो चुके हैं। खामियों के चलते खेल विभाग इस ट्रेक को अपने अधीन लेने से इंकार कर रहा है। वहीं ट्रेक निर्माण एजेंसी राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कारर्पोरेशन ने खेल विभाग के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।बल्कि खेल विभाग पर ही जिम्मेदारी से बचने की बात कह रहा है।कार्पोरेशन के अनुसार खेल विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ और ट्रेक की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। इस कारण ट्रेक में खामियां निकाली जा रही हैं।
वहीं खेल से जुड़े अधिकारी व कोच के अनुसार ट्रेक निर्धारित मापदंड अनुसार नहीं बना है। गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री का उपयोग नहीं हुआ है।

डेढ वर्षपहले हो चुका हैट्रेक का निर्माण
राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित हो सकें, इसलिए एथलेटिक्स ट्रेक पर निर्माण कराया गया है।400 मीटर के ट्रेक के लिए तकरीबन एक करोड़ का बजट आवंटित है।राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कारर्पोरेशन इस ट्रेक की निर्माण एजेंसी है।डेढ वर्ष पहले इस ट्रेक का निर्माण हो चुका है।
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आमने-सामने
काफी तकनीकी खामियां हैं...
निर्धारित मापदण्ड अनुसार ट्रेक का निर्माण नहीं हुआ है। ट्रेक की लम्बाई में तकरीबन 4 से पांच मीटर की कमी है। राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में एक-एक सैकेण्ड काउंट होता है। ऐसे में इतने बड़े अंतर पर हमारे खिलाड़ी काफी पिछड़ जाते हैं। वहीं ट्रेक निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग नहीं किया गया है। लाखों रूपया खर्च होने के बाद भी ट्रेक जिस स्तर का बनना चाहिए था, वैसा नहीं बन पाया है। पहले इसकी तकनीकी खामियां दूर होगी, उसी के बाद ट्रेक को अपने अधीन लेंगे।
गिरधारी सिंह चौहान,
जिला खेल अधिकारी, प्रतापगढ़
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जिम्मेदारी से बच रहे हैं अधिकारी
ट्रेक पूरी तरह से निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप बना है। गण्ुावत्तापूर्ण सामग्री के साथ चार लेयर में इसका निर्माण हुआ है। चार-पांच मीटर नहीं, दो से ढाई मीटर लम्बाई का अंतर आ रहा है। जो केवल ब्रिक लाइन बिखरने से है। उसे भी दुरस्त करवा लिया जाएगा। खेल विभाग ट्रेक के रखरखाव में असमर्थ है, इसलिए टे्रेक लेने से इंकार कर रहा है। ट्रेक की लम्बाई को लेकर कोई शिकायत है तो योग्य प्रशिक्षक से इसकी गुणवत्ता और जांच परख करवा लें। फिर भी कोई कमी रहती है तो उसी समय उसे दुरस्त करवा दी जाएगी। 1 करोड रुपए की लागत के ट्रेक पर अब तक 60 लाख रूपए खर्चहो चुके हैं।कार्यकारी एजेन्सी के अब भी 22 लाख रूपए रोके हुए हैं। यदि ऐसी कोई बात है तो इसे दिखवाएंगे।
दीपक परिहार, सहायक अभियंता,
राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कारर्पोरेशन, बांसवाड़ा
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क्या कहते हैं खेल विशेषज्ञ

प्रशिक्षण के लिए अनुपयोगी
ट्रेक निर्माण में अनियमितता बरती गई है। जगह-जगह से ट्रेक की ईटें बाहर निकल गई हैं।अभ्यास के दौरान खिलाडिय़ों को काफी परेशानी होती है। प्रशिक्षण के लिए ट्रेक अनुपयोगी है। गत सत्र में यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित हुई। उस समय भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस ट्रेक पर हम वांछित परिणाम प्राप्त नहीं कर सकते हैं। इस ट्रेक पर खिलाडिय़ों का भविष्य अंधकार में है
हररतन डामोर, प्रशिक्षक, खेल छात्रावास बालक, प्रतापगढ़

निर्माण सही नहीं है...
ट्रेक निर्धारित 400 मीटर की लम्बाई का नहीं है। इससे प्रतियोगिता की तैयारी के लिए खिलाडिय़ों का श्रेष्ठ समय निकालने में काफी परेशानी हो रही है। वहीं उचित लेयर में नहीं बनाया गया है। ट्रेक निर्माण मे ंजिस सामग्री का उपयोग होना चाहिए, वह नहीं किया गया है। बारीक कोयले एवं ईंट चूरे की जगह बारीक गिट्टी बिछा दी गई है। जिससे खिलाड़ी घायल हो रहे हैं।
शंकरलाल मेनारिया, एथलेटिक्स कोच, प्रतापगढ़
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